Tuesday, October 13, 2026

TOP NEWS

पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय...

इंदौर में पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने 500 गरबा आयोजकों को लव जिहाद के खिलाफ सुरक्षा कवच बनाने, भजनों पर गरबा करने और जल संरक्षण की शपथ दिलाई। पढ़ें पूरी खबर...

हरियाणा ने जनगणना 2027...

एफसीआर डॉ. सुमिता मिश्रा ने उपायुक्तों को छूटे हुए लोगों और दोहरी गणना...

Indore Jio-bp Petrol Diesel...

इंदौर में जियो-बीपी (Jio-bp) पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कीमतें अचानक बढ़ गई हैं। पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा हो गया है। बिना किसी पूर्व सूचना के हुई इस बढ़ोतरी से ग्राहकों में भारी नाराजगी है। जानें पूरी खबर...

पावागढ़ से अखंड ज्योत...

पावागढ़ से अखंड ज्योत लेकर मांडू पहुंचे श्रद्धालुः300 KM का सफर किया पैदल,...
Homeचंडीगढ़वैदिक ज्ञान, भक्ति और संस्कारों से गूंजा आर्य समाज 35/43 का वार्षिक...

वैदिक ज्ञान, भक्ति और संस्कारों से गूंजा आर्य समाज 35/43 का वार्षिक उत्सव

वैदिक ज्ञान, भक्ति और संस्कारों से गूंजा आर्य समाज 35/43 का वार्षिक उत्सव

मनोज शर्मा,चंडीगढ़। आर्य समाज 35/43 का वार्षिक उत्सव श्रद्धा, भक्ति और वैदिक विचारधारा के वातावरण में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो गया है। कार्यक्रम में हरियाणा से पधारे वैदिक विद्वान दर्शनाचार्य आचार्य सानन्द जी, ख्याति प्राप्त भजनोपदेशिका सुदेश आर्य, डॉ विनोद कुमार शर्मा, डॉ सीमा कंवर तथा उनके सहयोगियों सहित दिल्ली और ट्राइसिटी के विभिन्न आर्य समाजों के पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक यज्ञ से हुआ जिसे अर्जुन देव ने संपन्न कराया। यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य सानन्द जी ने हवन-यज्ञ की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यज्ञ में औषधीय एवं सुगंधित पदार्थों की आहुति देने से वातावरण में सकारात्मक एवं स्वास्थ्यवर्धक प्रभाव उत्पन्न होता है। उन्होंने आर्ष ग्रंथों के स्वाध्याय पर बल देते हुए कहा कि स्वाध्याय मनुष्य को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की ओर अग्रसर करने का सशक्त माध्यम है।
महर्षि दयानंद सरस्वती के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए आचार्य सानन्द जी ने कहा कि महर्षि दयानंद महान विद्वान, समाज सुधारक और भारतीय संस्कृति के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने वैदिक ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने तथा समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि आर्य समाज के ऐसे आयोजनों से वैदिक विचारधारा, संस्कार, सदाचार, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना को बल मिलता है।
भजनोपदेशिका सुदेश आर्य एवं उनके सहयोगियों ने प्रभु-भक्ति, सामाजिक उत्थान और देशभक्ति से ओत-प्रोत भजनों की सुंदर प्रस्तुतियां देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उन्होंने कहा कि ‘ॐ’ के उच्चारण से उत्पन्न कंपन वातावरण में सकारात्मकता का संचार करता है। उन्होंने परिवारों में गायन एवं संगीत को विशेष महत्व देने का आह्वान करते हुए कहा कि भक्ति गीतों, लोकगीतों और देशभक्ति के स्वरों को परिवार तथा समाज के जीवन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। मीना सेठी ने भी ज्ञानवर्धक भजन की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में साहित्यकार, कवि एवं संपादक डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने वैदिक संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन पर आधारित अपनी प्रभावशाली रचनाओं की प्रस्तुति से श्रोताओं को भावविभोर किया। उनमें वेद-विचार, भारतीय संस्कृति, सदाचार, राष्ट्रप्रेम और मानव कल्याण का संदेश प्रमुखता से उभरा। उन्होंने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से यह भाव व्यक्त किया कि वेदों का ज्ञान केवल धार्मिक आस्था तक सीमित न रहकर जीवन में सत्य, संयम, सेवा, संस्कार और राष्ट्रनिष्ठा का मार्ग प्रशस्त करे। एम.सी.एम. कॉलेज, चंडीगढ़ के पूर्व संस्कृत विभागाध्यक्ष एवं आर्य समाज सेक्टर-16 की पूर्व मंत्री डॉ. सीमा कंवर ने भी अपने सारगर्भित वैदिक व्याख्यान से उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने वेदों के जीवनोपयोगी संदेशों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को आत्मसात करते हुए देश को समृद्ध, सशक्त और संस्कारवान बनाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। सुदेश गुप्ता ने मंच का कुशल संचालन किया। कार्यक्रम के अंत में आर्य समाज की प्रधान उषा गुप्ता ने सभी आर्य जनों, विशिष्ट अतिथियों, पदाधिकारियों तथा आयोजन टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन वैदिक संस्कृति, भारतीय जीवन-मूल्यों और समाज में सद्भाव एवं राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस मौके पर सुनील कुमार, प्रकाश चंद्र शर्मा, योगराज चौधरी, प्रोफेसर सुरेंद्र कुमार, राजेश शर्मा, मेजर सूबेदार विजय आर्य आदि उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments