Wednesday, October 28, 2026

TOP NEWS

कृषि उत्पादन से जुड़े...

सहकारिता, मत्स्य, उद्यानिकी, कृषि एवं पशुपालन विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और...

हरिद्वार में नियम तोड़ने...

हरिद्वार में परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई! नियमों की अनदेखी पर 69 वाहनों के चालान और 9 वाहन सीज. डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर चला सघन चेकिंग अभियान.

नाबालिग से दुष्कर्म मामले...

कलियर मामले में फरार 5 हजार के इनामी आरोपी आकाश बाजपेयी को पुलिस ने बरेली से गिरफ्तार किया. मामले में संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई जारी है.

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स...

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता (DA) 3% बढ़ाकर 63% किया. 48 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनर्स को फायदा. पढ़ें पूरी खबर.
HomeदेशBRICS 2026 शी जिनपिंग 7 साल बाद पहुंचे भारत: पीएम मोदी से...

BRICS 2026 शी जिनपिंग 7 साल बाद पहुंचे भारत: पीएम मोदी से मुलाकात से पहले आया चीन का बड़ा बयान, कहा- ‘दोस्त की तरह सुलझाएं मतभेद’

शी जिनपिंग 7 साल बाद पहुंचे भारत: पीएम मोदी से मुलाकात से पहले आया चीन का बड़ा बयान, कहा- ‘दोस्त की तरह सुलझाएं मतभेद’

नई दिल्ली:
भारत की मेजबानी में राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को भारत पहुंच गए हैं. साल 2020 में हुए गलवान घाटी विवाद और उसके बाद दोनों देशों के बीच पैदा हुए भारी कूटनीतिक तनाव के बाद यह पहला मौका है जब शी जिनपिंग भारतीय सरजमीं पर कदम रख रहे हैं. करीब 7 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद हो रहे इस दौरे को भारत-चीन संबंधों के लिहाज से बेहद ऐतिहासिक माना जा रहा है.

इस बहुप्रतीक्षित शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय (Bilateral) बैठक होने जा रही है, जिस पर दुनिया भर की कूटनीतिक नजरें टिकी हुई हैं.

मुलाकात से पहले चीन का सकारात्मक संदेश

प्रधानमंत्री मोदी के साथ होने वाली इस महामुलाकात से ठीक पहले चीन के विदेश मंत्रालय और भारत में नियुक्त चीनी राजदूत की ओर से एक बड़ा और सकारात्मक बयान सामने आया है. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट किया कि बीजिंग, भारत के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को “एक रणनीतिक और दीर्घकालिक (Long-term) दृष्टिकोण” से देखता है.

चीन की ओर से जारी बयान की मुख्य बातें:

  • सच्चे पड़ोसी और दोस्त: चीन की तरफ से कहा गया है कि दोनों महाशक्तियों को आपसी बातचीत को और मजबूत करना चाहिए, अपने मतभेदों को सही व दोस्ताना तरीके से संभालना चाहिए और एक-दूसरे की सफलता के लिए साझेदार के रूप में आगे बढ़ना चाहिए.
  • लगातार तीसरी सालाना बैठक: कजान (रूस) और तियानजिन के बाद यह लगातार तीसरा साल है जब दोनों वैश्विक नेता आमने-सामने बैठकर द्विपक्षीय मुद्दों पर सीधी चर्चा करेंगे.
  • सहयोग की नई दिशा: भारत में चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (X) पर इसकी पुष्टि की और कहा कि दोनों देशों के बीच इस द्विपक्षीय मुलाकात के लिए तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं और चीन दोनों नेताओं के रणनीतिक निर्देशों के तहत काम करने के लिए तैयार है.

क्यों अहम माना जा रहा है यह दिल्ली दौरा?

2019 में महाबलीपुरम में हुई अनौपचारिक मुलाकात के बाद शी जिनपिंग का यह पहला भारत दौरा है। रक्षा और विदेश मामलों के विश्लेषकों का मानना है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य बड़े वैश्विक नेताओं की मौजूदगी वाले इस ब्रिक्स समिट (BRICS Summit 2026) के दौरान मोदी-जिनपिंग वार्ता काफी निर्णायक हो सकती है।

इस बैठक के मुख्य एजेंडे में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सीमा विवादों का स्थायी समाधान निकालना, $112 बिलियन से अधिक के भारी व्यापार असंतुलन को ठीक करना और दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानों व व्यापारिक निवेश को फिर से सुगम बनाना शामिल हो सकता है। ऐसे में चीन का यह ‘दोस्ताना’ बयान दोनों देशों के बीच जमी बर्फ को पिघलाने और एशिया में एक नए रणनीतिक संतुलन को स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा संकेत है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments