Wednesday, October 14, 2026

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मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड (Meerut Drum Murder Case) में जिला अदालत ने आरोपी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है। पूरी खबर पढ़ें।

MP News: भोपाल में...

भोपाल के मिसरोद थाना प्रभारी (TI) रतन सिंह परिहार को 'जय जोहार' बोलने पर आदिवासी छात्रों को गाली देने और 'यहीं कूट दूंगा' की धमकी देने के मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर सस्पेंड कर दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें।

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आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में बन रहे गूगल के मेगा डेटा सेंटर पर 160 एकड़ जंगल काटने और जल संकट पैदा करने के आरोप लगे हैं, जिस पर कंपनी ने एयर-कूलिंग तकनीक की सफाई दी है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

जंतर-मंतर प्रदर्शन मामला: CJP...

दिल्ली की अदालत ने जंतर-मंतर पर अनधिकृत प्रदर्शन और शांति बॉन्ड के उल्लंघन मामले में CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया है। पूरी खबर पढ़ें।
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BRICS 2026 शी जिनपिंग 7 साल बाद पहुंचे भारत: पीएम मोदी से मुलाकात से पहले आया चीन का बड़ा बयान, कहा- ‘दोस्त की तरह सुलझाएं मतभेद’

शी जिनपिंग 7 साल बाद पहुंचे भारत: पीएम मोदी से मुलाकात से पहले आया चीन का बड़ा बयान, कहा- ‘दोस्त की तरह सुलझाएं मतभेद’

नई दिल्ली:
भारत की मेजबानी में राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को भारत पहुंच गए हैं. साल 2020 में हुए गलवान घाटी विवाद और उसके बाद दोनों देशों के बीच पैदा हुए भारी कूटनीतिक तनाव के बाद यह पहला मौका है जब शी जिनपिंग भारतीय सरजमीं पर कदम रख रहे हैं. करीब 7 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद हो रहे इस दौरे को भारत-चीन संबंधों के लिहाज से बेहद ऐतिहासिक माना जा रहा है.

इस बहुप्रतीक्षित शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय (Bilateral) बैठक होने जा रही है, जिस पर दुनिया भर की कूटनीतिक नजरें टिकी हुई हैं.

मुलाकात से पहले चीन का सकारात्मक संदेश

प्रधानमंत्री मोदी के साथ होने वाली इस महामुलाकात से ठीक पहले चीन के विदेश मंत्रालय और भारत में नियुक्त चीनी राजदूत की ओर से एक बड़ा और सकारात्मक बयान सामने आया है. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट किया कि बीजिंग, भारत के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को “एक रणनीतिक और दीर्घकालिक (Long-term) दृष्टिकोण” से देखता है.

चीन की ओर से जारी बयान की मुख्य बातें:

  • सच्चे पड़ोसी और दोस्त: चीन की तरफ से कहा गया है कि दोनों महाशक्तियों को आपसी बातचीत को और मजबूत करना चाहिए, अपने मतभेदों को सही व दोस्ताना तरीके से संभालना चाहिए और एक-दूसरे की सफलता के लिए साझेदार के रूप में आगे बढ़ना चाहिए.
  • लगातार तीसरी सालाना बैठक: कजान (रूस) और तियानजिन के बाद यह लगातार तीसरा साल है जब दोनों वैश्विक नेता आमने-सामने बैठकर द्विपक्षीय मुद्दों पर सीधी चर्चा करेंगे.
  • सहयोग की नई दिशा: भारत में चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (X) पर इसकी पुष्टि की और कहा कि दोनों देशों के बीच इस द्विपक्षीय मुलाकात के लिए तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं और चीन दोनों नेताओं के रणनीतिक निर्देशों के तहत काम करने के लिए तैयार है.

क्यों अहम माना जा रहा है यह दिल्ली दौरा?

2019 में महाबलीपुरम में हुई अनौपचारिक मुलाकात के बाद शी जिनपिंग का यह पहला भारत दौरा है। रक्षा और विदेश मामलों के विश्लेषकों का मानना है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य बड़े वैश्विक नेताओं की मौजूदगी वाले इस ब्रिक्स समिट (BRICS Summit 2026) के दौरान मोदी-जिनपिंग वार्ता काफी निर्णायक हो सकती है।

इस बैठक के मुख्य एजेंडे में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सीमा विवादों का स्थायी समाधान निकालना, $112 बिलियन से अधिक के भारी व्यापार असंतुलन को ठीक करना और दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानों व व्यापारिक निवेश को फिर से सुगम बनाना शामिल हो सकता है। ऐसे में चीन का यह ‘दोस्ताना’ बयान दोनों देशों के बीच जमी बर्फ को पिघलाने और एशिया में एक नए रणनीतिक संतुलन को स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा संकेत है।

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