Friday, October 16, 2026

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इंदौर के नामचीन गरबा...

इंदौर के माता कनकेश्वरी गरबा पंडाल में बीजेपी नेता कमल चौहान द्वारा 15 वर्षीय किशोरी और उसके परिवार के साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की का वीडियो वायरल. कांग्रेस ने आरोपी नेता की बर्खास्तगी और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की. पढ़ें पूरी खबर.

बांग्लादेश में बड़ा विवाद:...

बांग्लादेश की जगन्नाथ यूनिवर्सिटी में दुर्गा पूजा के महाषष्ठी के दिन केंद्रीय मंदिर के पास गोमांस पकाने और कैंपस में गोकशी के ऐलान से सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया है। पहले रोक लगाने के बाद प्रशासन ने छात्रों के दबाव में यू-टर्न लिया। पूरी खबर पढ़ें।

मांडू में सूखे का...

धार जिला सूखाग्रस्त घोषित होने के बाद ऐतिहासिक नगरी मांडू में जल संकट गहराया। नगर परिषद ने मुनादी कराकर तालाबों के पानी को कृषि व निर्माण कार्यों में इस्तेमाल करने पर रोक लगाई।

उत्तराखंड के ऐतिहासिक आदि...

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित ऐतिहासिक आदि बद्री मां भगवती शक्तिपीठ (बदियाकोट) में भीषण आग लगने से सदियों पुराना मुख्य मंदिर और उसकी अद्भुत काष्ठकला जलकर खाक हो गई है। पूरी खबर पढ़ें।
Homeचंडीगढ़धार्मिक आयोजन में विवादित व्यक्ति को मुख्य अतिथि बनाए जाने पर विरोध

धार्मिक आयोजन में विवादित व्यक्ति को मुख्य अतिथि बनाए जाने पर विरोध

धार्मिक आयोजन में विवादित व्यक्ति को मुख्य अतिथि बनाए जाने पर विरोध

“धार्मिक आस्था से जुड़े आयोजनों में ऐसे व्यक्ति को आमंत्रित करना उचित नहीं” — महंत मनोज शर्मा

चंडीगढ़/बठिंडा, 24 सितंबर 2026। विश्व हिंदू परिषद, चंडीगढ़ (पंजाब प्रांत) के पूर्व सोशल मीडिया प्रभारी महंत मनोज शर्मा ‘मनु जी महाराज’ ने बठिंडा में आयोजित होने वाले श्री गणेश चतुर्थी महोत्सव में राजिन्द्र मित्तल को मुख्य अतिथि बनाए जाने पर आपत्ति जताई है।
महंत मनोज शर्मा ने कहा कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध न्यायिक एवं समाचार अभिलेखों में 1983 के बठिंडा के कथित बीफ-टैलो/वनस्पति घी प्रकरण में राजिन्द्र मित्तल का नाम सामने आया था। वर्ष 2014 में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार सीबीआई की विशेष अदालत ने इस मामले में राजिन्द्र मित्तल और अन्य आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी।
उन्होंने कहा, “गौ माता करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र हैं। ऐसे गंभीर और संवेदनशील प्रकरण से जुड़े व्यक्ति को किसी धार्मिक आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाना धार्मिक भावनाओं के दृष्टिकोण से उचित नहीं है। हम इस निर्णय का विरोध करते हैं और आयोजकों से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग करते हैं।”
महंत शर्मा ने यह भी कहा कि उनका विरोध किसी व्यक्ति के प्रति व्यक्तिगत दुर्भावना के आधार पर नहीं, बल्कि धार्मिक आयोजन की गरिमा और श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए है।

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