दुनिया के 33 देशों में ‘आपातकाल’ की तैयारी? सरकारों ने नागरिकों से कहा— ‘घर में जमा कर लें राशन, पानी और कैश’
नई दिल्ली / इंदौर:
बदलते वैश्विक हालातों, प्राकृतिक आपदाओं और डिजिटल खतरों को देखते हुए दुनिया के कई बड़े देशों ने एक बेहद चौंकाने वाला कदम उठाया है। एक हालिया अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान और भारत सहित दुनिया के 33 प्रमुख देशों ने अपने नागरिकों को आपातकालीन तैयारी (Emergency Preparedness) के तहत घर में जरूरी सामान और नकद (कैश) जमा करने की सलाह दी है।
अंतरराष्ट्रीय पत्रिका Newsweek द्वारा जारी किए गए एक वैश्विक नक्शे (Global Map) के बाद यह खबर दुनिया भर में तेजी से चर्चा का विषय बन गई है। इस रिपोर्ट में उन सभी 33 देशों की आधिकारिक गाइडलाइंस को इकट्ठा किया गया है, जो अपने नागरिकों को किसी भी बड़े संकट के लिए पहले से आत्मनिर्भर बनने की अपील कर रहे हैं।
आखिर सरकारों ने क्या-क्या जमा करने को कहा है?
विभिन्न देशों के आपदा प्रबंधन मंत्रालयों द्वारा जारी की गई एडवाइजरी के अनुसार, नागरिकों से 3 दिन (72 घंटे) से लेकर 10 दिनों तक का स्टॉक तैयार रखने को कहा गया है। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- पीने का पानी: प्रति व्यक्ति प्रतिदिन कम से कम 3 लीटर पानी का स्टॉक।
- गैर-नाशवान भोजन (Non-perishable Food): ऐसा खाना जिसे फ्रिज में रखने या पकाने की जरूरत न हो, जैसे डिब्बाबंद भोजन (Canned Food), सूखे मेवे (Dry Fruits) और बिस्कुट आदि।
- आपातकालीन कैश: जेब या घर में कुछ नकद राशि, क्योंकि संकट के समय डिजिटल पेमेंट ठप हो सकते हैं।
- अन्य जरूरी चीजें: जरूरी दवाइयाँ, फर्स्ट-एड किट, टॉर्च, अतिरिक्त बैटरियां और एक बैटरी से चलने वाला रेडियो ताकि बिना बिजली के भी सरकारी सूचनाएं मिलती रहें।
अचानक क्यों आई ऐसी नौबत? जानिए 3 बड़े कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, इसका मतलब यह कतई नहीं है कि दुनिया खत्म होने वाली है या कोई तीसरा विश्व युद्ध शुरू हो रहा है। इसके पीछे सरकारों की सोची-समझी सिविल रेजिलिएंस (नागरिक लचीलापन) रणनीति है, जिसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- साइबर अटैक और ग्रिड फेलियर का खतरा: आधुनिक दुनिया पूरी तरह इंटरनेट और डिजिटल बैंकिंग पर निर्भर है। यदि किसी देश के पावर ग्रिड या बैंकिंग सिस्टम पर कोई बड़ा साइबर हमला होता है, तो एटीएम और यूपीआई (UPI) काम करना बंद कर सकते हैं। ऐसे में घर पर रखा कैश और राशन ही काम आएगा।
- मौसम में अचानक बदलाव: हाल के दिनों में दुनिया भर में अचानक आने वाली बाढ़, भीषण समुद्री तूफान और भूकंप जैसी घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। ऐसी स्थिति में सड़कें बंद होने से दुकानों तक सामान की सप्लाई चेन टूट जाती है।
- भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions): रूस-यूक्रेन और मध्य-पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी संघर्षों के कारण दुनिया भर की सरकारें किसी भी संभावित वैश्विक सप्लाई व्यवधान के लिए अपने नागरिकों को पहले से सतर्क कर रही हैं।
पैनिक होने की जरूरत नहीं, यह सिर्फ सुरक्षा उपाय है
ब्रिटेन सरकार द्वारा हाल ही में शुरू की गई ‘बी रेडी’ (Be Ready) मुहिम और यूरोपीय संघ (EU) की सिविल डिफेंस गाइडलाइंस का हवाला देते हुए आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों ने साफ किया है कि इस एडवाइजरी से किसी को डरने या पैनिक बाइंग (अफरातफरी में खरीदारी) करने की आवश्यकता नहीं है। यह ठीक वैसा ही सुरक्षा उपाय है जैसे गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट लगाना या घर में अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguisher) रखना। सरकारें बस यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि किसी भी अचानक आए संकट के शुरुआती 72 घंटों में, जब तक सरकारी मदद आप तक पहुंचे, तब तक आपका परिवार सुरक्षित और आत्मनिर्भर रह सके।


