देवास में जवारा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा: 200 श्रद्धालुओं की भीड़ पर मधुमक्खियों का हमला, जान बचाने 2 किमी तक भागे लोग; एक युवक को लगे 200 डंक
देवास: मध्य प्रदेश के देवास जिले के राजोदा गांव से एक बेहद हैरान कर देने वाला और दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां मंगलवार सुबह करीब 9 बजे पारंपरिक जवारा विसर्जन के दौरान अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पर हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले से धार्मिक जुलूस में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। मधुमक्खियों के इस भयानक हमले में करीब 40 लोग घायल हो गए हैं, जबकि अपनी जान बचाने के लिए लोग खेतों की तरफ करीब 2 किलोमीटर तक बदहवास होकर भागते नजर आए।
कुएं में नहाने और बैंड-बाजे के शोर से भड़कीं मधुमक्खियां
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, राजोदा गांव में ग्रामीण जवारा विसर्जन के लिए एक प्राचीन कुएं के पास एकत्रित हुए थे। इस कुएं के ठीक ऊपर लगे पीपल के पेड़ पर मधुमक्खियों का एक बहुत बड़ा छत्ता था। विसर्जन के दौरान जुलूस में बज रहे बैंड-बाजे और डीजे की तेज आवाज के कंपन से मधुमक्खियां पहले ही परेशान थीं। इसी बीच कुएं में नहाने उतरे कुछ लोगों के कारण पानी की बौछारें सीधे ऊपर पेड़ पर लगे छत्ते से जा टकराईं। पानी की बूंदें पड़ते ही छत्ते से हजारों की संख्या में गुस्साई मधुमक्खियां बाहर निकल आईं और नीचे खड़े श्रद्धालुओं पर टूट पड़ीं।
एक युवक को लगे 200 से ज्यादा डंक, इंदौर किया गया रेफर
मधुमक्खियों का यह हमला इतना भीषण था कि उन्होंने लोगों को संभलने तक का मौका नहीं दिया। इस हमले की चपेट में आने से एक स्थानीय युवक बुरी तरह जख्मी हो गया, जिसके पूरे शरीर पर मधुमक्खियों ने 200 से अधिक डंक मारे। युवक की हालत बिगड़ती देख और अत्यधिक जहर फैलने की आशंका के चलते उसे प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत इंदौर के अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
घायलों से भरा जिला अस्पताल, खेतों में छिपकर बचाई जान
हमले के वक्त विसर्जन स्थल पर करीब 200 श्रद्धालुओं की मौजूदगी थी। जैसे ही भनभनाती मधुमक्खियों का दल नीचे उतरा, लोग अपने सिर और चेहरे को कपड़ों से ढककर जान बचाने के लिए खेतों और पेड़ों की ओट में भागने लगे। इस हादसे में कुल 40 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी के बीच घायलों को तुरंत देवास के जिला अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल अस्पताल में 11 से अधिक गंभीर रूप से घायल मरीजों को भर्ती कर डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और डॉक्टरों के अनुसार अन्य घायलों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें घर भेज दिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है।


