धार जिला कोर्ट का बड़ा फैसला: पत्रकार को धमकी देने के मामले में पूर्व थाना प्रभारी पर मुकदमा चलाने का आदेश
धार, 17 सितंबर 2026: धार जिला न्यायालय ने एक स्थानीय पत्रकार की शिकायत पर बेहद सख्त और बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पत्रकार को डराने-धमकाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन पूर्व थाना प्रभारी (TI) संतोष दूधी के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश जारी किया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, एक स्थानीय पत्रकार ने अपनी पत्रकारिता के कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए कुछ खबरें प्रकाशित की थीं। इसी बात से नाराज होकर तत्कालीन थाना प्रभारी संतोष दूधी ने पत्रकार को कथित तौर पर गंभीर परिणाम भुगतने और देख लेने की धमकी दी थी। पुलिस विभाग स्तर पर कार्रवाई न होने के बाद पीड़ित पत्रकार ने न्याय के लिए धार कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
इन धाराओं में दर्ज होगा केस
मामले की सुनवाई करते हुए धार कोर्ट ने पत्रकार द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों को प्रथम दृष्टया सही पाया। अदालत ने पूर्व थाना प्रभारी संतोष दूधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(3) (आपराधिक धमकी देना) के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासनिक महकमे में मची हलचल
एक पुलिस अधिकारी (पूर्व टीआई) के खिलाफ सीधे कोर्ट द्वारा मुकदमा चलाने के इस आदेश के बाद से पूरे धार जिले के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पत्रकार संगठनों ने कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है और इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया है।


