Thursday, November 5, 2026

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Homeमध्य प्रदेशग्वालियर के साडा में बनेगा एशिया का सबसे बड़ा 'प्लग एंड प्ले'...

ग्वालियर के साडा में बनेगा एशिया का सबसे बड़ा ‘प्लग एंड प्ले’ टेलीकॉम हब, ₹5,500 करोड़ का रोडमैप तैयार

ग्वालियर (मध्य प्रदेश): भारत को दूरसंचार और विनिर्माण (Manufacturing) के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कामयाबी मिलने जा रही है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्थित साडा (SADA) क्षेत्र में देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) की स्थापना की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस प्रस्तावित साइट का स्वयं निरीक्षण कर इंफ्रास्ट्रक्चर की अंतिम समीक्षा की है। इस महत्वाकांक्षी मेगा प्रोजेक्ट के लिए ₹5,500 करोड़ से अधिक के निवेश का रोडमैप तैयार हो चुका है, जो इसे एशिया का सबसे बड़ा ‘प्लग एंड प्ले’ (Plug and Play) टेलीकॉम हब बना देगा।

परियोजना के मुख्य बिंदु और विशेषताएँ

दिल्ली और मुंबई में आयोजित रोड शो के जरिए अब तक देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों से ₹5,500 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इस मेगा प्रोजेक्ट के पहले चरण को साडा क्षेत्र की 170 एकड़ भूमि पर विकसित किया जा रहा है, जिसके लिए केंद्र सरकार ₹493 करोड़ की शत-प्रतिशत वित्तीय सहायता दे रही है। यहाँ कंपनियों को रेडी-टू-यूज़ वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर सरकार द्वारा तैयार मिलेगा, जिससे कंपनियाँ बिना किसी निर्माण देरी के सीधे अपना उत्पादन शुरू कर सकेंगी। इस जोन के पूरी तरह सक्रिय होने पर 15,000 से 18,000 युवाओं को प्रत्यक्ष (Direct) तकनीकी नौकरियां मिलेंगी। इसके अलावा वेंडर्स और लॉजिस्टिक्स को मिलाकर करीब 80,000 से 90,000 अप्रत्यक्ष (Indirect) रोजगार पैदा होंगे।

‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ को लगेंगे पंख

इस एकीकृत टेलीकॉम विनिर्माण क्षेत्र (TMZ) के तहत भारत में डिजाइनिंग से लेकर मैन्युफैक्चरिंग और टेस्टिंग एक ही छत के नीचे होगी। यहाँ मुख्य रूप से 5G और 6G नेटवर्क गियर्स जैसे राउटर्स, स्विच, नेटवर्क एंटीना, मोबाइल हैंडसेट, ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC), सेमीकंडक्टर चिप्स और सैटेलाइट कम्युनिकेशन उपकरणों का निर्माण होगा। अब तक भारत इन कोर कंपोनेंट्स के लिए काफी हद तक विदेशों पर निर्भर रहता था। इस प्लांट के शुरू होने से भारत एक ‘ग्लोबल टेलीकॉम एक्सपोर्ट हब’ बनकर उभरेगा।

“25 वर्षों का सबसे बड़ा औद्योगिक निवेश” – केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया

परियोजना की समीक्षा के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व व आशीर्वाद और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के निरंतर सहयोग का ही सुखद परिणाम है। पिछले ढाई दशकों (25 वर्षों) में ग्वालियर-चंबल अंचल का यह सबसे बड़ा औद्योगिक निवेश है। दिल्ली, मुंबई और मंगलुरु के रोड शो के बाद अब सभी चयनित कंपनियों को जमीन आवंटित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही इसका ऐतिहासिक भूमि पूजन किया जाएगा।

प्रोजेक्ट की संक्षिप्त रूपरेखा

इस प्रोजेक्ट का आधिकारिक नाम ‘देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ)’ है, जिसे मुख्य रूप से मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित साडा (SADA) क्षेत्र में स्थापित किया जा रहा है। कुल ₹5,500 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों के साथ इसके पहले चरण (Phase-1) के लिए 170 एकड़ भूमि तय की गई है। केंद्र सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए ₹493 करोड़ का वित्तीय सहयोग दे रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से क्षेत्र में 15,000 से 18,000 प्रत्यक्ष और लगभग 80,000 से 90,000 अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है।

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