Saturday, October 17, 2026

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इंदौर के नामचीन गरबा...

इंदौर के माता कनकेश्वरी गरबा पंडाल में बीजेपी नेता कमल चौहान द्वारा 15 वर्षीय किशोरी और उसके परिवार के साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की का वीडियो वायरल. कांग्रेस ने आरोपी नेता की बर्खास्तगी और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की. पढ़ें पूरी खबर.

बांग्लादेश में बड़ा विवाद:...

बांग्लादेश की जगन्नाथ यूनिवर्सिटी में दुर्गा पूजा के महाषष्ठी के दिन केंद्रीय मंदिर के पास गोमांस पकाने और कैंपस में गोकशी के ऐलान से सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया है। पहले रोक लगाने के बाद प्रशासन ने छात्रों के दबाव में यू-टर्न लिया। पूरी खबर पढ़ें।

मांडू में सूखे का...

धार जिला सूखाग्रस्त घोषित होने के बाद ऐतिहासिक नगरी मांडू में जल संकट गहराया। नगर परिषद ने मुनादी कराकर तालाबों के पानी को कृषि व निर्माण कार्यों में इस्तेमाल करने पर रोक लगाई।

उत्तराखंड के ऐतिहासिक आदि...

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित ऐतिहासिक आदि बद्री मां भगवती शक्तिपीठ (बदियाकोट) में भीषण आग लगने से सदियों पुराना मुख्य मंदिर और उसकी अद्भुत काष्ठकला जलकर खाक हो गई है। पूरी खबर पढ़ें।
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SGSITS कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से हिंदी में होगी बी.टेक की पढ़ाई, फाइनल ईयर में मिलेंगे ₹2 लाख

SGSITS कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से हिंदी में होगी बी.टेक की पढ़ाई, फाइनल ईयर में मिलेंगे ₹2 लाख

शिक्षा डेस्क | इंदौर
मध्य प्रदेश के इंदौर में तकनीकी शिक्षा को लेकर एक ऐतिहासिक शुरुआत होने जा रही है। इंदौर के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान श्री गोविंदराम सेकसरिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (SGSITS) में हिंदी माध्यम से बी.टेक की पढ़ाई शुरू होने जा रही है। यह पाठ्यक्रम इसी चालू शैक्षणिक सत्र 2026-27 (Academic Session 2026-27) से लागू कर दिया गया है, जिसकी प्रवेश प्रक्रिया और काउंसलिंग के तहत अब तक करीब 20 छात्रों ने दाखिला भी ले लिया है।

सिविल इंजीनियरिंग से शुरुआत, 30 सीटों का कोटा
संस्थान ने शुरुआती चरण में इस पायलट प्रोजेक्ट को बी.टेक सिविल इंजीनियरिंग (B.Tech Civil Engineering) ब्रांच से शुरू करने का निर्णय लिया है। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, भाषाई दिक्कतों के कारण कई होनहार छात्र इंजीनियरिंग बीच में ही छोड़ देते थे, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

  • सीटों की संख्या: इस विशेष हिंदी मीडियम बैच के लिए कुल 30 सीटें निर्धारित की गई हैं।
  • परीक्षा का विकल्प: इस कोर्स में दाखिला लेने वाले छात्रों को न केवल हिंदी में पढ़ने का मौका मिलेगा, बल्कि वे मुख्य परीक्षाएं भी हिंदी माध्यम में दे सकेंगे।

फाइनल ईयर में मिलेगी ₹2 लाख की प्रोत्साहन राशि
हिंदी माध्यम से इंजीनियरिंग करने वाले छात्रों का हौसला बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने एक बड़ी इंसेंटिव योजना की घोषणा की है। इस कोर्स को चुनने वाले छात्रों को उनके फाइनल ईयर (अंतिम वर्ष) में ₹2 लाख की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, शिक्षकों द्वारा पिछले 4 वर्षों से तकनीकी किताबों का हिंदी अनुवाद तैयार किया जा रहा था ताकि पढ़ाई में कोई बाधा न आए। हालांकि, वैश्विक प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए छात्रों को साथ में बुनियादी अंग्रेजी भी सिखाई जाएगी।

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