Tuesday, October 27, 2026

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उज्जैन में दरिंदगी: इंस्टाग्राम...

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तमिलनाडु जेल ब्रेक: थेनी...

तमिलनाडु के थेनी की उप-जेल से 17 कैदी सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर फरार हो गए। पुलिस ने 4 को गिरफ्तार किया है और 13 की तलाश में 17 टीमें तैनात की हैं। पूरी खबर पढ़ें।

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‘चक्र – भविष्य के युद्ध के लिए मौजूदा प्लेटफॉर्म का रूपांतरण’ विषय पर आधारित सेमिनार 14–15 दिसंबर 2026 को चंडीमंदिर में आयोजित किया जाएगा।

‘चक्र – भविष्य के युद्ध के लिए मौजूदा प्लेटफॉर्म का रूपांतरण’ विषय पर आधारित सेमिनार 14–15 दिसंबर 2026 को चंडीमंदिर में आयोजित किया जाएगा।

मनोज शर्मा/ चंडीगढ़ : लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पश्चिमी कमान ने 26 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर में मैकेनाइजेशन टेक्नोलॉजी सेमिनार 2.0 (एमटीएस 2.0) के कर्टेन रेज़र का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम का आयोजन पश्चिमी कमान द्वारा सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (एसआईडीएम) के सहयोग से किया गया।

‘चक्र – भविष्य के युद्ध के लिए मौजूदा प्लेटफॉर्म का रूपांतरण’ विषय पर आधारित यह सेमिनार 14–15 दिसंबर 2026 को चंडीमंदिर मिलिट्री स्टेशन में एसआईडीएम के सहयोग से आयोजित किया जाएगा। इसमें भारतीय सेना, रक्षा उद्योग और शिक्षाविदों से जुड़े हितधारक एकत्रित होकर मशीनीकृत सेनाओं की तकनीकी प्रगति तथा उनकी क्षमताओं में वृद्धि से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श करेंगे।

पश्चिमी कमान की एक पहल के रूप में एमटीएस 2.0 का उद्देश्य मौजूदा सैन्य प्लेटफॉर्म को तकनीकी रूप से उन्नत, अधिक सक्षम और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप युद्ध प्रणालियों में परिवर्तित करके मशीनीकृत सेनाओं की युद्धक प्रभावशीलता को बढ़ाना है। सेमिनार में युद्धक क्षमता संवर्धन (कॉम्बैट कैपेबिलिटी एन्हांसमेंट), प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग (हार्नेसिंग टेक्नोलॉजी), अनुकूलनशीलता (अडैप्टेबिलिटी), गतिज प्रभाव एवं मारक क्षमता (काइनेटिक्स), नवीनीकरण एवं पुनर्संवर्धन (रिफर्बिशमेंट) तथा आत्मनिर्भरता जैसे प्रमुख विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके साथ ही, परिचालन संबंधी क्षमता की कमियों और आवश्यकताओं को स्पष्ट रूप से परिभाषित समस्या विवरणों (प्रॉब्लम डेफिनिशन स्टेटमेंट्स – पीडीएस) में परिवर्तित करने पर विशेष बल दिया जाएगा।

कर्टेन रेज़र के दौरान आगामी सेमिनार की व्यापक परिकल्पना और प्रमुख विषयों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। इसमें प्रौद्योगिकी-आधारित आधुनिकीकरण, सैन्य एवं नागरिक क्षेत्र के बीच सहयोग तथा स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को सुदृढ़ करने में आत्मनिर्भरता के महत्व को रेखांकित किया गया। इस अवसर पर सैन्य उपयोगकर्ताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों तथा अन्य हितधारकों को एक साझा मंच प्रदान किया गया, जहा मौजूदा प्लेटफॉर्म के आधुनिकीकरण, स्वदेशी तकनीकी नवाचार और उभरती परिचालन आवश्यकताओं पर विचार-विमर्श किया गया।

एमटीएस 2.0 रक्षा क्षेत्र में क्षमता संवर्धन, तकनीकी रूपांतरण और आत्मनिर्भरता के प्रति भारतीय सेना की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। परिचालन आवश्यकताओं को व्यावहारिक एवं कार्यान्वयन योग्य तकनीकी समाधानों में परिवर्तित करने के लिए एक केंद्रित मंच प्रदान करते हुए, यह सेमिनार सशस्त्र बलों, रक्षा उद्योग और शिक्षाविदों के बीच सहयोग को और सुदृढ़ करने का प्रयास करेगा। इसके माध्यम से बदलते युद्धक्षेत्र के परिदृश्य में मशीनीकृत सेनाओं की परिचालन प्रभावशीलता, मजबूती और युद्धक तत्परता को बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

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