इंदौर में देवदूत बनी ट्रैफिक पुलिस: चलती कार बनी आग का गोला, कांच तोड़कर निकाला बाहर; लोडिंग वाहन में CPR देते भागे अस्पताल
इंदौर:
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के राऊ क्षेत्र में एक रूह कंपा देने वाला हादसा सामने आया है। यहाँ सड़क पर दौड़ रही एक चलती कार अचानक धूं-धूं कर जल उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि कार का ऑटोमैटिक लॉकिंग सिस्टम जाम हो गया और चालक सीट बेल्ट में फंसकर अंदर ही कैद हो गया।
इस बेहद नाजुक और जानलेवा स्थिति में वहां ड्यूटी पर तैनात इंदौर ट्रैफिक पुलिस के जवान देवदूत बनकर पहुंचे। जवानों ने अदम्य साहस दिखाते हुए न सिर्फ कार का कांच तोड़ा, बल्कि बेहोश हो रहे चालक को मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
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अचानक भड़की आग, केबिन बना मौत का जाल
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, कार सामान्य रफ्तार से सड़क से गुजर रही थी, तभी अचानक उसके बोनट से भारी धुआं और लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते पूरी कार आग की लपटों से घिर गई।
शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी के चलते गाड़ी के दरवाजे अंदर से लॉक हो गए। चालक ने बाहर निकलने का भरसक प्रयास किया, लेकिन सीट बेल्ट में फंसे होने और दम घुटने के कारण वह अंदर ही बेसुध होकर तड़पने लगा।
ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने जान पर खेलकर तोड़ा कांच
सड़क के बीचों-बीच जलती कार और अंदर फंसे इंसान को देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान वहां मुस्तैद यातायात पुलिस के जवानों की नजर इस पर पड़ी। वे बिना अपनी जान की परवाह किए तुरंत जलती गाड़ी की तरफ दौड़ पड़े।
कार के शीशे पूरी तरह बंद थे और अंदर धुआं भर चुका था। जवानों ने तुरंत पत्थर और डंडे की मदद से कार की खिड़की का कांच तोड़ा। इसके बाद जलती लपटों के बीच हाथ डालकर सीट बेल्ट को काटा और ड्राइवर को सुरक्षित बाहर खींच लिया।
एम्बुलेंस का नहीं किया इंतजार, लोडिंग वाहन में ही दिया CPR
कार से बाहर निकाले जाने तक जहरीले धुएं के कारण चालक की सांसें लगभग थम चुकी थीं और वह पूरी तरह बेहोश था। अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस को कॉल किया गया, लेकिन पुलिसकर्मियों को लगा कि एम्बुलेंस के इंतजार में युवक की जान जा सकती है।
समय की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जवानों ने तुरंत सड़क से गुजर रहे एक लोडिंग वाहन (पिकअप) को रुकवाया। चालक को गाड़ी के पिछले हिस्से में लिटाया गया। अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते भर ट्रैफिक पुलिस का एक जवान लगातार पीड़ित को CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देता रहा, ताकि उसके दिल की धड़कनें चालू रहें।
डॉक्टरों ने कहा- ‘समय पर मिला CPR, इसलिए बची सांसें’
जवानों की तत्परता की बदौलत युवक को समय रहते नजदीकी अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उसके इलाज में जुटी है। डॉक्टरों का स्पष्ट कहना है कि यदि पुलिस जवानों द्वारा मौके पर और गाड़ी में CPR न दिया जाता, तो दम घुटने और कार्डियक अरेस्ट से युवक की मौत हो सकती थी।
सोशल मीडिया पर इंदौर ट्रैफिक पुलिस के इन जांबाज जवानों की सूझबूझ और इस बहादुरी की जमकर सराहना की जा रही है।


