इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में सूदखोरी और मानसिक प्रताड़ना का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ इंदौर नगर निगम (IMC) में पिछले 10 वर्षों से कार्यरत एक कर्मचारी ने शनिवार (3 अक्टूबर 2026) को जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी करने की कोशिश की। जहर खाने से पहले पीड़ित ने एक सोशल मीडिया वीडियो भी रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने अपनी आपबीती बताते हुए चार लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। फिलहाल पीड़ित कर्मचारी को गंभीर हालत में शहर के एमवाय अस्पताल (MY Hospital) में भर्ती कराया गया है, जहाँ वे आईसीयू (ICU) में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित की पहचान धर्मेंद्र धारू के रूप में हुई है, जो नगर निगम में बतौर ड्राइवर काम करते हैं। परिजनों के अनुसार, धर्मेंद्र ने उधारी और भारी ब्याज (सूदखोरी) के पैसों को लेकर चल रही लगातार प्रताड़ना से तंग आकर यह आत्मघाती कदम उठाया। जहर खाने से ठीक पहले बनाए गए वीडियो में पीड़ित ने रोते हुए अपना दर्द बयां किया है।
वीडियो में लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित धर्मेंद्र ने वीडियो संदेश में कहा:
“मैं धर्मेंद्र धारू हूँ। मुझसे लगातार पैसों की मांग की जा रही है… कुल चार लोग मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। मैं पिछले 10 साल से नगर निगम में ईमानदारी से नौकरी कर रहा हूँ, लेकिन मुझे पिछले दो दिनों से गाड़ी भी नहीं दी जा रही है। मेरी इस स्थिति के जिम्मेदार चार लोग हैं— दुर्गेश शुक्ला, योगेश राठौर, सहायक सीएस भंवर धावरे और बंटी (ड्राइवर)। इन लोगों की प्रताड़ना के कारण ही मैं यह कदम उठाने पर मजबूर हुआ हूँ।”
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
निगम कर्मचारी द्वारा उठाए गए इस आत्मघाती कदम की खबर फैलते ही प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए संयोगितागंज थाना पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो को केस डायरी में शामिल कर लिया गया है। अस्पताल से पीड़ित की स्थिति पर अपडेट लिया जा रहा है, जैसे ही वे बयान देने की स्थिति में होंगे, उनका मजिस्ट्रियल बयान दर्ज किया जाएगा। पुलिस परिजनों और वीडियो में नामजद लोगों से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है।


