ईरान का बड़ा फैसला: होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय जहाजों को बिना रोक-टोक गुजरने की मिली छूट
तेहरान/नई दिल्ली: वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और भारत की अर्थव्यवस्था के लिहाज से एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान सरकार ने एक बड़ा रणनीतिक फैसला लेते हुए भारतीय वाणिज्यिक और तेल जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से बिना किसी रोक-टोक के गुजरने की विशेष छूट दे दी है। पश्चिमी एशिया में जारी भारी सैन्य तनाव के बीच करीब 8 महीने से यह समुद्री रास्ता काफी हद तक प्रभावित या प्रतिबंधित था। ईरान ने भारत के अलावा चीन, इराक और कतर को भी इस ट्रांजिट प्रतिबंध से मुक्त किया है।
भारत के लिए क्यों बेहद महत्वपूर्ण है यह फैसला?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे संवेदनशील और व्यस्त समुद्री तेल गलियारों में से एक है। भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 40% कच्चा तेल (Crude Oil) इसी रूट के माध्यम से मंगाता है। अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते सैन्य टकराव के बाद ईरान ने इस रास्ते पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के साथ-साथ भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर भी बड़ा संकट मंडराने लगा था। इस छूट के बाद भारतीय तेल टैंकर अब सुरक्षित और बेरोकटोक अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे।
ईरान ने भारत को क्यों दी यह विशेष छूट?
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के उपाध्यक्ष अमीर हयात मोघद्दम ने आधिकारिक तौर पर इस फैसले की पुष्टि की है। ईरानी मीडिया के अनुसार, दोनों देशों के आपसी हितों को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया गया है।
- दवाइयों की आपूर्ति: ईरान ने विशेष रूप से स्पष्ट किया है कि भारत को यह ‘सेफ पैसेज’ देने का मुख्य उद्देश्य भारत से आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयों (Medicines) के आयात को सुगम बनाना है।
- ट्रांजिट फीस: हालांकि जहाजों को फ्री पैसेज मिला है, लेकिन नियमों के मुताबिक भारतीय और चीनी जहाजों को इस जलमार्ग का उपयोग करने के लिए तय ट्रांजिट फीस (पारगमन शुल्क) का भुगतान करना होगा।
कूटनीतिक मोर्चे पर भारत की बड़ी जीत
रक्षा और विदेश मामलों के जानकारों का मानना है कि यह फैसला भारत की मजबूत विदेश नीति और कुशल कूटनीति का परिणाम है। हाल ही में भारत के विदेश मंत्रालय ने ईरान के उच्च अधिकारियों से इस मार्ग में फंसे भारतीय नाविकों की सुरक्षा और कच्चे तेल के जहाजों की आवाजाही को लेकर उच्च स्तरीय बातचीत की थी। इस समझौते के बाद भारतीय झंडे वाले जहाजों को ईरानी नौसेना द्वारा पूरी सुरक्षा और सुरक्षित निकासी का भरोसा दिया गया है। यह कदम भारतीय बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखने में भी गेमचेंजर साबित हो सकता है।


