Tuesday, October 13, 2026

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Samay Raina Controversy: ‘तमीज में रहना चाहिए’, समय रैना और शेरोन वर्मा के ‘कश्मीरी-बिहारी’ जोक पर भड़के कैलाश खेर

यूट्यूब शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ का ‘कश्मीरी पंडित और बिहारी’ रोस्ट विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोशल मीडिया पर चौतरफा आलोचना झेल रहे शो के होस्ट समय रैना और कॉमेडियन शेरोन वर्मा पर अब देश के दिग्गज सूफी गायक कैलाश खेर का गुस्सा फूटा है। कैलाश खेर ने बिना किसी का नाम लिए कलाकारों को अपनी मर्यादा और अनुशासन में रहने की बेहद सख्त नसीहत दी है।

समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान जब कैलाश खेर से स्टैंड-अप कॉमेडी में बढ़ती फूहड़ता और इस हालिया विवाद को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे कला के अपमान से जोड़ते हुए अपनी बात रखी।

‘जब धुन बिगड़ती है, तो लोग मर्यादा भूल जाते हैं’

कैलाश खेर ने इस मामले पर गहरी निराशा जताते हुए कलाकारों को जीवन और कला में अनुशासन की सीख दी। उन्होंने कहा कि संगीत सिर्फ एक धुन नहीं है, बल्कि यह खुद को एक दायरे और अनुशासन में ढालने का जरिया है। जब किसी कलाकार के सुर या उसकी धुन बिगड़ जाती है, तो वह दूसरों को नीचा दिखाने और उनका उपहास उड़ाने लगता है।

गायक ने बेहद गंभीर लहजे में कहा कि इंसानों को हमेशा होश (चैतन्य) और तमीज के दायरे में रहना चाहिए। हर व्यक्ति को यह बखूबी मालूम होना चाहिए कि जीवन कैसे जीना है, किस तरह मुस्कुराना है और दूसरों को हंसाने का सही तरीका क्या है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कला का असली मकसद किसी का दिल जीतना होना चाहिए, न कि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना।

क्या है पूरा विवाद जिसने पकड़ा तूल?

यह पूरा हंगामा ‘इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2’ के मंच पर शुरू हुआ था। शो के दौरान होस्ट समय रैना और वहां जज की कुर्सी पर बैठीं बिहार की रहने वाली शेरोन वर्मा एक-दूसरे पर तंज कस रहे थे।

  • इसी दौरान समय रैना ने शेरोन के बिहारी होने और नौकरी के सिलसिले में मुंबई आने को लेकर एक रूढ़िवादी टिप्पणी कर दी।
  • इसके पलटवार में शेरोन वर्मा ने समय रैना के कश्मीरी मूल का होने पर निशाना साधा। उन्होंने ‘पत्थरबाजी’ और विस्थापन का इशारा करते हुए कहा कि कम से कम उन्होंने अपना राज्य अपनी मर्जी से तो छोड़ा है।

शेरोन के इस बयान को सोशल मीडिया पर 1990 के दशक में कश्मीरी पंडितों के साथ हुई दर्दनाक त्रासदी और उनके जबरन पलायन का बेहद क्रूर और असंवेदनशील मजाक माना गया। इसके बाद से ही दोनों कलाकारों को इंटरनेट पर भारी ट्रोलिंग और गुस्से का सामना करना पड़ रहा है।

कॉमेडी के गिरते स्तर पर खड़ी हुई बहस

इस विवाद ने अब राजनीतिक और सामाजिक रूप ले लिया है। कई कश्मीरी संगठनों और भाजपा नेताओं ने इसे कश्मीरी पंडितों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा बताया है। कैलाश खेर के इस बयान के बाद अब मनोरंजन जगत में भी यह बहस तेज हो गई है कि आखिर हंसाने के नाम पर किसी समुदाय की ऐतिहासिक त्रासदी या क्षेत्रीय पहचान को निशाना बनाना कहां तक जायज है।

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