नई दिल्ली:18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक मंच पर भारत का रुख पूरी तरह साफ कर दिया है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस समिट में पीएम मोदी ने जोर देते हुए कहा कि ब्रिक्स समूह किसी दूसरे देश या संगठन के खिलाफ काम नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा, “हम किसी के खिलाफ नहीं हैं; बल्कि हमारी सोच सबको साथ लेकर चलने की है।”
इस शिखर सम्मेलन में एक बेहद ऐतिहासिक मोड़ तब देखने को मिला जब आपसी मतभेदों और मध्य-पूर्व के भारी तनाव को दरकिनार कर ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देश एक साझा संयुक्त बयान पर सहमत हो गए। भारत के कूटनीतिक प्रयासों के चलते सुबह 4 बजे तक चली मैराथन बैठक के बाद इस डिक्लेरेशन पर आम सहमति बनी।
‘रूल-टेकर’ नहीं, अब ‘रूल-शेपर’ बने ग्लोबल साउथ
पीएम मोदी ने समिट के दौरान वैश्विक व्यवस्था में सुधार के लिए कई कड़े बिंदु सामने रखे:
- ग्लोबल साउथ की आवाज: पीएम मोदी ने एक कड़ा संदेश देते हुए कहा कि विकासशील देशों को अब केवल नियमों को मानने वाला (Rule-Takers) बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि भविष्य की नीतियां तय करने वाला (Rule-Shapers) बनना होगा।
- ग्लोबल गवर्नेंस ‘विशेषाधिकार का पिरामिड’: उन्होंने मौजूदा वैश्विक शासन प्रणाली को विशेषाधिकार का पिरामिड बताया और इसमें सुधार के लिए 10 सूत्रीय रोडमैप का प्रस्ताव रखा। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधारों में देरी न करने की मांग की।
- व्यापारिक बाधाओं पर प्रहार: पीएम मोदी ने बढ़ते ‘ट्रेड बैरियर्स’ का मुद्दा उठाया और सदस्य देशों से अपनी शीर्ष 10 व्यापारिक बाधाओं को हटाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच एक ‘इकोनॉमिक ब्रिज’ की भूमिका निभा रहा है।
- सुरक्षित समुद्री मार्ग: समुद्री व्यापारिक रास्तों और नाविकों की सुरक्षा के लिए उन्होंने ‘सीफेयरर्स इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क’ बनाने का प्रस्ताव रखा।
मतभेदों के बीच भारत का ‘कूटनीतिक चमत्कार’
इस समिट की सबसे बड़ी कामयाबी मध्य-पूर्व के धुर विरोधी देशों के बीच बनी सहमति रही। खाड़ी देशों में जारी संघर्ष और अलग-अलग भू-राजनीतिक स्टैंड होने के बावजूद, ईरान, सऊदी अरब और यूएई ने आपसी मतभेद भुलाकर संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर किए। डिप्लोमैटिक एक्सपर्ट्स इसे दिल्ली का एक बड़ा कूटनीतिक चमत्कार मान रहे हैं।
दिग्गज नेताओं का जमावड़ा
इस दो दिवसीय सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान समेत कई बड़े नेता हिस्सा ले रहे हैं। पीएम मोदी ने शिखर सम्मेलन से इतर इन नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता कर सुरक्षा, रक्षा और व्यापार जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा की है।


