Wednesday, October 7, 2026

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बालाघाट में बच्चों की मौत पर राहुल गांधी का मोहन सरकार पर बड़ा हमला, 1 अक्टूबर को पीड़ित परिवारों से मिलेंगे

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 1 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले का दौरा करेंगे. महज 13 दिनों के भीतर राहुल गांधी का यह मध्य प्रदेश का दूसरा दौरा है, इससे पहले वे 19 सितंबर को इंदौर में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे.

इस बार उनके दौरे का मुख्य केंद्र बालाघाट के बैहर और बिरसा क्षेत्र के प्रभावित आदिवासी इलाके हैं, जहाँ पिछले कुछ महीनों में बैगा आदिवासी समुदाय के 30 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है.

पीड़ित परिवारों से मिलेंगे राहुल गांधी

मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के अनुसार, राहुल गांधी दोपहर में बालाघाट पहुंचेंगे और प्रभावित गांवों में जाकर मृत बच्चों के पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे. वे ज़मीनी हालात का जायजा लेंगे और यह जानने की कोशिश करेंगे कि आदिवासियों के लिए बनी सरकारी योजनाएं, पोषण आहार, मच्छरदानियां और टीकाकरण जैसी बुनियादी सुविधाएं इन परिवारों तक क्यों नहीं पहुंच सकीं.

“सरकार सोती रही” – राहुल गांधी का तीखा हमला

बच्चों की मौतों को लेकर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्य सरकार पर तीखा निशाना साधा था. उन्होंने इसे “सरकार की पूर्ण विफलता” बताते हुए आरोप लगाया था कि 30 से ज्यादा बच्चों की जान जाने के बावजूद प्रशासनिक कार्रवाई बेहद सुस्त रही और सरकार उत्सव मनाने में व्यस्त रही.

जून से शुरू हुआ था मौतों का सिलसिला

ज़मीनी रिपोर्टों के अनुसार, बालाघाट के बिरसा विकासखंड के आदिवासी बहुल इलाकों में मौतों का यह सिलसिला जून से शुरू हुआ था. पहली मौत 16 जून को दर्ज की गई थी, जिसके बाद बोंदारी, कुंडेकसा और कोरका जैसे गांवों में यह महामारी फैलती गई. अगस्त के महीने में जब ग्रामीणों और स्थानीय मीडिया ने इस मुद्दे को उठाया, तब जाकर प्रशासन हरकत में आया.

जांच में सामने आईं कई बीमारियां

शुरुआत में इन मौतों की वजह केवल कुपोषण और दूषित पानी को माना जा रहा था, लेकिन केंद्र की राष्ट्रीय संयुक्त आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम (NJORT) की जांच में सामने आया कि बच्चे कई घातक बीमारियों से जूझ रहे थे. जांचे गए सैंपल्स में:

  • मलेरिया और खसरा (Measles) के कई मरीज पॉजिटिव पाए गए.
  • कुछ बच्चों में खसरा और मलेरिया दोनों का दोहरा संक्रमण था.
  • इसके साथ ही गंभीर कुपोषण (Malnutrition), एनीमिया, डिहाइड्रेशन और निमोनिया भी मौतों के मुख्य कारण बने.
  • रिपोर्ट में प्रभावित इलाकों में बच्चों के टीकाकरण (Vaccination) कवरेज में भी भारी कमी पाई गई है.

इस गंभीर स्वास्थ्य संकट और मौतों के आंकड़े के सामने आने के बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट भी राज्य सरकार से जवाब तलब कर चुका है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अगस्त के आखिर में प्रभावित इलाकों का दौरा कर पीड़ित परिवारों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी, लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने अब तक इस लापरवाही के लिए किसी भी अधिकारी या स्वास्थ्य मंत्री की जवाबदेही तय नहीं की है.

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