इंदौर में सियासत गर्म: ‘छात्रों की गूंज’ के लिए IDA मैदान तैयार, राहुल गांधी की टीम ने संभाला मोर्चा
इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आगामी इंदौर दौरे को लेकर शहर में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। 19 सितंबर 2026 को होने वाले बहुचर्चित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए आखिरकार जगह फाइनल हो गई है। नेहरू स्टेडियम की अनुमति न मिलने के बाद मचे भारी घमासान के बीच कांग्रेस ने रीजनल पार्क के सामने स्थित इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) के खाली मैदान को इस मेगा इवेंट के लिए तैयार कर लिया है। इस मैदान को कांग्रेस की ओर से ‘भारत जोड़ो मैदान‘ नाम दिया गया है।
राहुल गांधी की कोर टीम और दिल्ली-भोपाल से आए वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने इंदौर में मोर्चा संभाल लिया है। कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
भारी-भरकम किराया चुकाकर मिली अनुमति
नेहरू स्टेडियम को लेकर हफ्तों तक चले परमिशन के पेंच के बाद कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया। बीजेपी सरकार और प्रशासन पर अड़ंगा लगाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने अंततः IDA (Indore Development Authority) को 3 दिनों के लिए 10 लाख 8 हजार रुपये का भारी-भरकम किराया चुकाकर इस मैदान की अनुमति हासिल की है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंतु चौकसे और जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े के नेतृत्व में स्थानीय कार्यकर्ताओं ने मैदान की साफ-सफाई और मंच निर्माण की रूपरेखा तैयार कर ली है।
1.5 लाख से ज्यादा छात्रों के जुटने का दावा
एजुकेशन हब माने जाने वाले इंदौर में राहुल गांधी का यह संवाद बेहद खास होने वाला है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए अब तक 1.5 लाख से अधिक युवाओं और छात्रों ने ऑनलाइन व ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करा लिया है। कोटा, प्रयागराज, देहरादून और पुणे के बाद यह देश का पांचवां और सबसे बड़ा छात्र संवाद होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस कार्यक्रम में आदिवासी छात्र संगठन ‘जयस’ (JAYS) भी कांग्रेस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जुटा हुआ है।
इन मुद्दों पर गूंजेगी छात्रों की आवाज
राहुल गांधी ने खुद सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर युवाओं से इस कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। इस सीधे संवाद (Youth Dialogue) के दौरान छात्र और Gen Z युवा निम्नलिखित मुख्य मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे:
- शिक्षा व्यवस्था और महंगी पढ़ाई
- पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में धांधली
- हॉस्टल और रहने की बुनियादी सुविधाएं
- बढ़ता मानसिक दबाव और रोजगार के अवसर
बीजेपी का पलटवार: “यह छात्रों की नहीं, झूठ की गूंज”
दूसरी तरफ, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव और बीजेपी प्रवक्ताओं ने इस आयोजन पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस जनता का समर्थन खो चुकी है और परमिशन के नाम पर केवल विक्टिम कार्ड खेल रही है। बीजेपी नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि यह ‘छात्रों की गूंज’ नहीं बल्कि ‘झूठ की गूंज’ है और राहुल गांधी के आने से बीजेपी को ही राजनीतिक फायदा होगा।
बहरहाल, मैदान सज चुका है, फीस जमा हो चुकी है और राहुल गांधी की टीम की निगरानी में पंडाल लगना शुरू हो गया है। अब देखना यह होगा कि 19 सितंबर को इंदौर के इस मैदान से उठने वाली छात्रों की यह गूंज मध्य प्रदेश की सियासत में क्या नया रंग लाती है।


