इंदौर, 19 सितंबर 2026: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के आईडीए (IDA) ग्राउंड में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के 5वें संस्करण में हजारों युवाओं और छात्रों की भीड़ उमड़ी. इस दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ विषय पर करीब 60 मिनट तक खुलकर बात की और युवाओं के सवालों के जवाब दिए.
छात्र सवाल पूछता है, इसलिए सिस्टम को उससे खतरा: राहुल गांधी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने अंधभक्त और स्टूडेंट के बीच का अंतर समझाया. उन्होंने कहा:
“स्टूडेंट हमेशा जिज्ञासु होता है, वह सवाल पूछता है. वह व्यवस्था से जवाब मांगता है, और यही वजह है कि इस पूरे सिस्टम को छात्रों से खतरा महसूस होता है. यह सिस्टम स्टूडेंट से डरता है क्योंकि वे पूछते हैं कि कैसे सिर्फ कुछ लोगों ने मिलकर पूरे देश के संसाधनों और सिस्टम को कैप्चर कर लिया है.”
उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि अंधभक्त कभी सवाल नहीं पूछता, वह एक काल्पनिक दुनिया में जीता है और नफरत फैलाता है, जबकि स्टूडेंट हमेशा ईमानदार होता है.
“अंधभक्त बनाने वालों के बच्चे खुद अंग्रेजी स्कूलों में पढ़ते हैं”
राहुल गांधी ने बीजेपी और आरएसएस के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग देश के आम युवाओं को अंधभक्त बनाना चाहते हैं, सबसे बड़ी बात यह है कि वे खुद अपने बच्चों को अंधभक्त नहीं बनाते. उनके बच्चे बड़े-बड़े अंग्रेजी स्कूलों और विदेशों में पढ़ाई करते हैं, जबकि देश के गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेला जा रहा है.
पेपर लीक, बेरोजगारी और 13% कोटा फ्रीज पर उठाए सवाल
संवाद के दौरान मध्य प्रदेश के छात्रों ने सरकारी भर्तियों में देरी, लगातार हो रहे पेपर लीक, खाली पड़े शिक्षकों के पद और ओबीसी आरक्षण विवाद के चलते रुकी हुई 13 फीसदी नियुक्तियों का मुद्दा उठाया.
- राहुल गांधी ने छात्रों की चिंताओं पर सहमति जताते हुए कहा कि जो व्यवस्था छात्रों की मदद और सुरक्षा के लिए बनी थी, आज वही उन पर हमला कर रही है.
- जब ग्राउंड में मौजूद छात्रों ने भावुक होकर कहा, “सर, हम इस सिस्टम से हार चुके हैं,” तो राहुल गांधी ने उनका हौसला बढ़ाते हुए कहा कि देश को धार्मिक आधार पर बांटने के बजाय शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा और यह बदलाव सिर्फ देश का युवा ही ला सकता है.
टॉप लेयर पर सिर्फ चंद लोगों का कब्जा
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि देश की पूरी व्यवस्था को शीर्ष स्तर से कुछ ही लोग नियंत्रित कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि इस सिस्टम के शीर्ष पर पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोवाल जैसे लोग बैठे हैं जो डराने-धमकाने और जांच एजेंसियों का उपयोग कर संस्थाओं पर कब्जा जमाए हुए हैं.
प्रशासन द्वारा लगाए गए 31 कड़े नियमों और शर्तों के बावजूद इस कार्यक्रम में युवाओं की भारी भीड़ देखने को मिली, जिसे लेकर कांग्रेस ने इसे युवाओं की एक बड़ी जीत बताया है.


