तमिलनाडु: थूथुकुडी में नमक का बंपर उत्पादन, लेकिन सही दाम न मिलने से उत्पादक परेशान
चेन्नई/थूथुकुडी: तमिलनाडु के थूथुकुडी (Thoothukudi) जिले से नमक उत्पादन को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पिछले कुछ समय से चल रहे तेज धूप और सूखे मौसम की वजह से जिले में नमक का रिकॉर्ड तोड़ (बंपर) उत्पादन हुआ है। हालांकि, इस भारी पैदावार ने नमक उत्पादकों और व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है।
तेज धूप और सूखे मौसम का मिला फायदा
थूथुकुडी को दक्षिण भारत का एक प्रमुख नमक उत्पादन केंद्र माना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में बेमौसम बारिश के कारण यहाँ नमक का काम काफी प्रभावित रहा था। लेकिन इस साल मौसम पूरी तरह अनुकूल रहा। बारिश न होने और कड़कड़ाती धूप के चलते नमक बनाने की प्रक्रिया (Salt Pan Cultivation) बहुत तेजी से चली। पूरे जिले में मजदूर पूरी क्षमता के साथ नमक निकालने के काम में जुटे हुए हैं।
बंपर पैदावार बनी मुसीबत, बाजार में गिरे दाम
उत्पादन में हुई इस भारी बढ़ोतरी से जहाँ काम करने वाले मजदूरों को लगातार रोजगार मिल रहा है, वहीं नमक उत्पादकों के चेहरे पर मायूसी है। उत्पादकों का कहना है कि बाजार में अचानक नमक की सप्लाई (Surplus Supply) बहुत ज्यादा बढ़ गई है।
मांग के मुकाबले आपूर्ति अधिक होने के कारण बाजार में नमक के थोक दाम काफी नीचे गिर गए हैं। उत्पादकों को उनकी लागत के अनुसार सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है, जिसका सीधा असर उनकी कुल कमाई और मुनाफे पर पड़ रहा है।
उत्पादकों ने की सरकारी मदद की मांग
थूथुकुडी के नमक निर्माताओं का कहना है कि अगर कीमतों में इसी तरह गिरावट जारी रही, तो उन्हें भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ेगा। व्यापारियों और उत्पादकों ने सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने और नमक के लिए एक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) या उचित बाजार व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि इस संकट से निपटा जा सके।


