Wednesday, October 7, 2026

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एमपी में  मंत्री जी का नया ‘सिस्टम’: बिना अनुमति मिलने पहुंचे अफसर-कर्मचारी, तो मंत्री तुलसीराम सिलावट करेंगे अनुशासनात्मक कार्रवाई

एमपी में  मंत्री जी का नया ‘सिस्टम’: बिना अनुमति मिलने पहुंचे अफसर-कर्मचारी, तो मंत्री तुलसीराम सिलावट करेंगे अनुशासनात्मक कार्रवाई

भोपाल/इन्दौर: मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक सख्त और नया फरमान जारी किया है। नए आदेश के मुताबिक, अब विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मंत्री से सीधे मुलाकात करने नहीं आ सकेगा। यदि कोई बिना पूर्व अनुमति (परमिशन) के मिलने पहुंचता है, तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

दफ्तर छोड़ने की आदत पर लगेगी लगाम

मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, अक्सर देखा जाता है कि विभाग के मैदानी और जिला स्तर के अधिकारी अपने मुख्यालय या दफ्तर को छोड़कर सीधे मंत्री से मिलने भोपाल या उनके गृह नगर पहुंच जाते हैं। इससे न सिर्फ सरकारी कामकाज प्रभावित होता है, बल्कि आम जनता के काम भी पेंडिंग रह जाते हैं। इसी ढर्रे को सुधारने के लिए जल संसाधन मंत्री ने यह कड़ा कदम उठाया है।

आदेश की मुख्य बातें:

  • बिना परमिशन नो एंट्री: अब किसी भी काम या मुलाक़ात के लिए पहले लिखित या आधिकारिक माध्यम से अनुमति लेनी होगी।
  • मुख्यालय छोड़ने पर पाबंदी: बिना ठोस वजह और सक्षम स्वीकृति के कोई भी अफसर अपनी पोस्टिंग वाली जगह नहीं छोड़ सकेगा।
  • होगी सख्त कार्रवाई: आदेश का उल्लंघन करने वाले लोकसेवकों को अनुशासनहीनता का दोषी माना जाएगा और उन पर विभागीय नियम (सिविल सेवा आचरण नियम) के तहत एक्शन होगा।

कार्यप्रणाली में सुधार की कोशिश

इस नए फरमान को विभाग में अनुशासन बनाए रखने और पेंडिंग प्रोजेक्ट्स की रफ्तार बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। मंत्री सिलावट का साफ संदेश है कि अधिकारी अपना पूरा ध्यान दफ्तरों के चक्कर काटने के बजाय जनता की समस्याओं को सुलझाने और जल संसाधन विभाग की योजनाओं को समय पर पूरा करने में लगाएं।


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