मालवा अंचल और विशेष रूप से उज्जैन संभाग के डेयरी उद्योग के इतिहास में आज का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होने जा रहा है। उज्जैन को देश के अग्रणी ‘मिल्क हब’ के रूप में स्थापित करने के लिए आज ₹255 करोड़ की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक मेगा डेयरी प्लांट की आधिकारिक शुरुआत होने जा रही है।
अमित शाह भोपाल से करेंगे वर्चुअल शिलान्यास
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज भव्य ‘राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन’ का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह डिजिटल माध्यम (वर्चुअल) से बटन दबाकर उज्जैन के इस महत्वाकांक्षी मेगा डेयरी प्लांट का भूमिपूजन और शिलान्यास करेंगे। इस दौरान उज्जैन में भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
कैसा होगा यह मेगा डेयरी प्लांट?
उज्जैन जिले में स्थापित होने वाला यह प्लांट पूरी तरह से ऑटोमैटिक और अत्याधुनिक तकनीकों से लैस होगा:
- विशाल प्रोसेसिंग क्षमता: इस प्लांट में प्रतिदिन लाखों लीटर दूध को प्रोसेस, पाश्चुरीकृत (Pasteurized) और पैक करने की क्षमता होगी।
- मल्टी-प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग: यहाँ केवल दूध की पैकेजिंग ही नहीं होगी, बल्कि उच्च गुणवत्ता वाले दही, छाछ, पनीर, पेड़ा, घी और पाउडर जैसे दुग्ध उत्पादों (Dairy Products) का बड़े पैमाने पर निर्माण किया जाएगा।
- कोल्ड चेन नेटवर्क: दूध की शुद्धता और ताजगी बनाए रखने के लिए पूरे संभाग में बल्क मिल्क कूलर्स (BMC) का एक मजबूत नेटवर्क इस प्लांट से जोड़ा जाएगा।
क्षेत्र के किसानों और युवाओं को क्या होंगे फायदे?
₹255 करोड़ का यह निवेश उज्जैन और आसपास के ग्रामीण इलाकों की आर्थिक स्थिति को बदलने की क्षमता रखता है:
- बिचौलियों का खात्मा: इस सहकारी प्लांट के शुरू होने से मालवा अंचल के हजारों दुग्ध उत्पादक किसानों को अपने दूध की बिक्री के लिए एक संगठित और पारदर्शी मंच मिलेगा। दूध का सही मूल्य सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा होगा।
- हजारों रोजगार के अवसर: प्लांट के निर्माण और इसके चालू होने के बाद क्षेत्र के स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष (Direct) और अप्रत्यक्ष (Indirect) रूप से रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।
- श्वेत क्रांति को रफ्तार: यह प्लांट मध्य प्रदेश में ‘ऑपरेशन फ्लड’ या श्वेत क्रांति को एक नई गति देगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।


