उज्जैन बवाल: सोशल मीडिया रील से भड़काई हिंसा, 7 दिन की प्लानिंग के बाद जुटाई थी भीड़; 20 उपद्रवियों पर FIR दर्ज
उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के तहत चल रहे सड़क चौड़ीकरण और शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने के विरोध में हुई हिंसा को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे बवाल के पीछे सोशल मीडिया पर एक सोची-समझी साजिश रची गई थी। एक स्थानीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने 7 दिनों तक इसकी प्लानिंग की और फिर एक भड़काऊ रील बनाकर भीड़ को इकट्ठा किया।
‘JCB आ गई, जल्दी मस्जिद पहुंचें’ – रील बनाकर किया उकसाया
जांच के अनुसार, मुख्य आरोपी (इन्फ्लुएंसर) ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो रील अपलोड की, जिसमें उसने नारा दिया— “JCB आ गई है, सब लोग जल्दी मस्जिद पहुंचें।” यह रील देखते ही देखते वायरल हो गई। इस भड़काऊ पोस्ट के बाद न सिर्फ उज्जैन बल्कि आसपास के दूसरे शहरों और ग्रामीण इलाकों से भी भारी संख्या में लोग वहां जुटने लगे। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और भीड़ ने पुलिस व प्रशासन पर पथराव शुरू कर दिया।
7 दिनों से चल रही थी भीड़ जुटाने की प्लानिंग
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह कोई अचानक भड़का गुस्सा नहीं था, बल्कि इसके लिए पिछले 7 दिनों से अंदरूनी तौर पर रणनीति बनाई जा रही थी। वाट्सएप ग्रुप्स और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को टारगेट किया जा रहा था। जब प्रशासन सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के लिए पहुंचा, तो इस प्लानिंग को अमलीजामा पहनाते हुए भीड़ को हिंसक प्रदर्शन के लिए उकसाया गया।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 20 नामजद आरोपियों पर FIR
इस हिंसा और पत्थरबाजी के बाद पुलिस प्रशासन सख्त एक्शन के मूड में है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल करना पड़ा था। अब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान शुरू कर दी है।
- इस मामले में अब तक 20 मुख्य आरोपियों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की जा चुकी है।
- भड़काऊ रील बनाने वाले इन्फ्लुएंसर और डिजिटल सबूतों को खंगाला जा रहा है।
- शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है।
हाईकोर्ट से भी झटका
आपको बता दें कि इस कार्रवाई को रोकने के लिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर की गई थी, जिसे माननीय हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। प्रशासन ने साफ किया है कि सिंहस्थ 2028 की तैयारियों और विकास कार्यों में बाधा डालने वाले और कानून व्यवस्था हाथ में लेने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। शहर काजी और प्रशासनिक अधिकारियों ने आम जनता से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।


