नई दिल्ली: विश्व बैंक (World Bank) द्वारा जारी ताजा ‘पोवर्टी एंड इक्विटी ब्रीफ’ (Poverty and Equity Brief) रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने पिछले एक दशक में गरीबी उन्मूलन के मोर्चे पर ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, साल 2011 से 2023 के बीच देश के 49.6 करोड़ (496 मिलियन) लोग गरीबी रेखा से बाहर आ चुके हैं। इसी के साथ भारत में अत्यधिक गरीबी (Extreme Poverty) की दर 27.1% से गिरकर 2.6% के स्तर पर पहुंच गई है।
विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में इस गिरावट को वैश्विक स्तर पर गरीबी में आई सबसे तेज गिरावटों में से एक बताया है।
रिपोर्ट के प्रमुख सांख्यिकीय आंकड़े:
- अत्यधिक गरीबी रेखा ($3 प्रतिदिन): अंतरराष्ट्रीय क्रय शक्ति (2021 PPP) के आधार पर $3 प्रतिदिन की रेखा के नीचे रहने वाली आबादी 27.1% से घटकर 2.6% रह गई है।
- निम्न-मध्यम आय रेखा ($4.20 प्रतिदिन): $4.20 प्रतिदिन की रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाली आबादी के अनुपात में भी भारी कमी आई है। यह आंकड़ा 57.7% से घटकर 16.1% पर आ गया है।
- रोजगार में वृद्धि: साल 2017 से 2023 के बीच देश में लगभग 13.4 करोड़ नए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं, जिसमें ग्रामीण महिलाओं की श्रम हिस्सेदारी में सबसे बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है।
गरीबी घटने के मुख्य कारक:
विश्व बैंक ने देश में गरीबी की दर में आई इस तीव्र कमी के पीछे मुख्य रूप से दो प्रमुख कारणों को रेखांकित किया है:
- घरेलू उपभोग में मजबूती: देश के भीतर व्यक्तिगत और घरेलू स्तर पर होने वाले खर्च (Domestic Consumption) में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
- सामाजिक कल्याण कार्यक्रम: सरकार द्वारा चलाई जा रही बड़ी कल्याणकारी योजनाएं, विशेष रूप से व्यापक खाद्य सब्सिडी (Food Subsidies) कार्यक्रम, जिसने लक्षित आबादी को वित्तीय संबल प्रदान किया है।
भविष्य का अनुमान और भौगोलिक स्थिति:
रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले समय में भी इस गिरावट का रुझान जारी रहने की संभावना है। अनुमान जताया गया है कि $4.20 प्रतिदिन के पैमाने पर गरीबी दर साल 2026 के 14.2% से और कम होकर साल 2028 तक 12.1% के स्तर पर आ सकती है।
भौगोलिक वितरण के मामले में रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि देश के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी की दर 19.3% और शहरी क्षेत्रों में 8.6% है। इसके साथ ही, वर्तमान में भारत की कुल गरीब आबादी का लगभग 57% हिस्सा उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिम बंगाल तक फैले एक विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में केंद्रित है।


