इंदौर में भाजपा का ऐतिहासिक शक्ति प्रदर्शन: ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने मंच से विपक्ष पर बोला तीखा हमला
इंदौर। देशव्यापी अभियान के तहत आज इंदौर शहर की सड़कों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक विशाल ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकालकर अभूतपूर्व शक्ति प्रदर्शन किया। सुबह करीब 10:00 बजे शहर के सुभाष नगर चौराहे से शुरू हुई यह पदयात्रा पाटनीपुरा चौराहे पर जाकर समाप्त हुई। इस मार्च में न केवल भाजपा नेता और कार्यकर्ता, बल्कि बड़ी संख्या में शहर के डॉक्टर, वकील, व्यापारी, प्रबुद्धजन और साधु-संत भी हाथों में तिरंगा, राष्ट्रवाद की तख्तियां और पार्टी के झंडे लेकर सड़कों पर उतरे। इस भव्य मार्च का नेतृत्व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित मालवा क्षेत्र के तमाम दिग्गजों ने किया। पाटनीपुरा चौराहे पर बनाए गए विशाल मंच पर पहुँचते ही नेताओं ने जनसभा को संबोधित किया और खुले शब्दों में विपक्ष व विदेशी ताकतों को आड़े हाथों लिया।
मंच से मुख्य नेताओं के दिए गए तीखे बयान और भाषण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा— “संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी”
पाटनीपुरा चौराहे पर उमड़े विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष के रुख और बयानों पर गहरी आपत्ति जताई। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में सीधे तौर पर कांग्रेस और राहुल गांधी का नाम लिए बिना निशाना साधते हुए कहा:
“आज पूरा देश देख रहा है कि कुछ राजनीतिक दल और उनके नेता अपनी लगातार हो रही चुनावी हार से इस कदर बौखला गए हैं कि वे भारत की छवि को वैश्विक स्तर पर धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। देश में लगातार यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि हमारे लोकतांत्रिक ढांचे और संवैधानिक संस्थाओं को खतरा है। कभी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए जाते हैं, तो कभी मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण (SIR) की सरकारी और पारदर्शी प्रक्रियाओं को लेकर जनता के बीच झूठ परोसा जाता है। मैं इंदौर की इस जागरूक जनता के सामने यह स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि भारत का लोकतंत्र और यहाँ का संविधान बेहद मजबूत हाथों में है। जनता द्वारा चुनी गई इस पूर्ण बहुमत की सरकार के रहते किसी भी देश विरोधी ताकत को भारत की एकता, अखंडता और शांति से समझौता करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इंदौर ने आज सड़कों पर उतरकर यह दिखा दिया है कि देश की जनता अराजक ताकतों के इस कथित षड्यंत्र को पूरी तरह से समझ चुकी है और लोकतांत्रिक तरीके से इसका करारा जवाब देने के लिए तैयार खड़ी है।”
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया बोले— “जनता द्वारा नकारे जाने के बाद विपक्ष अपना रहा है अराजक रास्ता”
रैली में केंद्र सरकार और केंद्रीय संगठन का प्रतिनिधित्व करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के बढ़ते मान-सम्मान का उल्लेख किया और विपक्ष पर तीखे बाण चलाए। मांडविया ने मंच से हुंकार भरते हुए कहा:
“जब देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ जा रहा है, गरीब कल्याण की योजनाएं हर घर तक पहुँच रही हैं, तब विपक्ष के पास जनता के बीच जाने के लिए कोई सकारात्मक मुद्दा नहीं बचा है। चुनावों में जनता द्वारा बार-बार सिरे से नकारे जाने के बाद, वे अब जनता का विश्वास जीतने के बजाय भीड़तंत्र और अराजकता का रास्ता चुन रहे हैं। लोकतंत्र का सम्मान चुनाव के परिणामों को स्वीकार करने में है, न कि संसद, न्यायपालिका और चुनाव आयोग जैसी गरिमामयी संस्थाओं पर अनर्गल लांछन लगाने में। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता देश के हर नागरिक के पास जाएगा और विपक्ष के इस नकारात्मक व देश-विरोधी नैरेटिव का सच उजागर करेगा। भारत आगे बढ़ रहा है और बढ़ता रहेगा, अराजकता फैलाने वाले इसमें बाधा नहीं बन सकते।”
कैलाश विजयवर्गीय ने विदेशी ताकतों को घेरा— “देश के टुकड़े करने का नारा लगाने वालों को सड़क पर आकर देंगे जवाब”
इंदौर के कद्दावर नेता और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पदयात्रा से पहले सोशल मीडिया पर भी जनता से अपील की थी और मंच पर उनका सबसे आक्रामक रुख देखने को मिला। विजयवर्गीय ने मंच से भीड़ को जागृत करते हुए कहा:
“हमारे पूर्वजों ने इस पवित्र भारत भूमि की रक्षा and देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है। ऐसे में आज कोई एयरकंडीशन कमरों में बैठकर यह कैसे कह सकता है कि ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’? भारत माता हमारी माता हैं और देश के खिलाफ बोलने वाली किसी भी अराजकतावादी गतिविधि को मालवा और देश की धरती पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्रीलंका, बांग्लादेश, फ्रांस और नेपाल जैसे पड़ोसी व वैश्विक देशों में जो राजनीतिक अस्थिरता और अशांति पैदा हुई, वैसी ही अशांति कुछ विदेशी ताकतें भारत में भी पैदा करना चाहती हैं। कुछ ताकतें भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनते नहीं देखना चाहतीं, इसलिए वे देश के भीतर बैठे अपने मोहरों के जरिए अराजकता का माहौल बनाना चाहती हैं। भाजपा की यह लड़ाई केवल किसी एक राजनीतिक दल से नहीं है, बल्कि यह लड़ाई उन सभी राष्ट्र-विरोधी ताकतों के खिलाफ है जो भारत की प्रगति को रोकना चाहती हैं। राष्ट्रवादी लोग अब घरों में शांत नहीं बैठेंगे, अगर अराजकता फैलाने वाले सड़कों पर आएंगे, तो उन्हें बेनकाब करने के लिए देशभक्त जनता भी सड़कों पर खड़ी मिलेगी।”
इस विशाल पदयात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया और कैलाश विजयवर्गीय के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, कैबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित मालवा क्षेत्र के कई बड़े जनप्रतिनिधि व सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी पूरी ताकत के साथ एकजुट हुए। रैली के दौरान उमड़े भारी जनसैलाब को देखते हुए सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। भाजपा के इस देशव्यापी अभियान का मुख्य उद्देश्य विपक्ष द्वारा देश की संवैधानिक संस्थाओं पर उठाए जा रहे सवालों का जनता के बीच जाकर कड़ा और तार्किक जवाब देना है। इस शक्ति प्रदर्शन के माध्यम से सत्ताधारी दल ने यह साफ संदेश दे दिया है कि वे देश की अखंडता, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और विकास की राह में किसी भी प्रकार की अराजकता या देश-विरोधी नैरेटिव को बर्दाश्त नहीं करेंगे।


