त्योहारों से ठीक पहले आम जनता को बड़ा तोहफा देश में लागू हुआ GST 2.0 कपड़े मिठाई और इलेक्ट्रॉनिक्स समेत ये चीजें हुईं बेहद सस्ती
भारत में फेस्टिव सीजन यानी त्योहारों की शुरुआत से ठीक पहले आम उपभोक्ताओं और मिडिल क्लास परिवारों के लिए केंद्र सरकार की तरफ से एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। देश के अप्रत्यक्ष कर ढांचे में अब तक का सबसे बड़ा सुधार करते हुए सरकार ने कर दरों को युक्तिसंगत बनाया है, जिसे ‘GST 2.0’ नाम दिया गया है। इस नए बदलाव के तहत पुरानी जटिल टैक्स दरों (जैसे 12% और 28% के स्लैब) को लगभग समाप्त या रीस्ट्रक्चर कर दिया गया है। अब अधिकांश रोजमर्रा की चीजें 5% और 18% के नए और आसान स्लैब में शामिल कर दी गई हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा आम जनता को आगामी नवरात्रि, दशहरा और दिवाली की खरीदारी पर मिलने जा रहा है क्योंकि कपड़े, मिठाइयों से लेकर घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तक के दाम काफी घट गए हैं।
त्योहारों पर किन चीजों में मिलेगी सबसे बड़ी बचत
फेस्टिव सीजन में कपड़ों और रेडीमेड गारमेंट्स की मांग सबसे ज्यादा होती है। नए नियमों के मुताबिक 2,000 रुपये से कम कीमत वाले रेडीमेड कपड़ों पर टैक्स की दर को 12 प्रतिशत से घटाकर सीधे 5 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए कपड़ों की खरीदारी काफी सस्ती हो जाएगी। इसके साथ ही त्योहारों की मिठास बढ़ाने के लिए सरकार ने पैकेज्ड स्नैक्स, मिठाइयां, मक्खन और घी जैसे प्रोसेस्ड food आइटम्स पर लगने वाले टैक्स को भी 12 से 18 फीसदी की कैटेगरी से हटाकर केवल 5 फीसदी के न्यूनतम दायरे में ला दिया है। वहीं दूसरी तरफ, बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी जरूरी स्टेशनरी जैसे पेंसिल, इरेज़र और एक्सरसाइज बुक्स को पूरी तरह टैक्स-फ्री (0%) कर दिया गया है, जिससे घरेलू बजट को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायनसेज पर भारी टैक्स कटौती
अगर आप इस दिवाली अपने घर के लिए नया टेलीविजन, रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन या एयर कंडीशनर (AC) खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह आपके लिए सबसे सही समय है। पहले इन सभी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स पर 28 प्रतिशत का भारी-भरकम टैक्स वसूला जाता था। सरकार ने मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए इन सभी आवश्यक घरेलू उपकरणों को 28% के स्लैब से हटाकर सीधे 18% के स्टैण्डर्ड स्लैब में शिफ्ट कर दिया है। टैक्स में हुई इस 10 प्रतिशत की सीधी कटौती के कारण बाजार में सभी प्रमुख ब्रांड्स के इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स और होम अप्लायनसेज की कीमतों में तत्काल प्रभाव से बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है।
गाड़ियां और घर बनाना भी हुआ सस्ता
सिर्फ घरेलू सामान ही नहीं, बल्कि ऑटोमोबाइल और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में भी आम खरीदारों को बड़ी राहत मिली है। सरकार ने बजट सेगमेंट की छोटी कारों (1200cc से कम) और 350cc तक की कम्यूटर मोटरसाइकिलों पर टैक्स की दर को 28% से घटाकर 18% कर दिया है। इसके अलावा पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को बढ़ावा देने के लिए इन पर लगने वाले टैक्स को भी 12% से घटाकर केवल 5% कर दिया गया है। अपना घर बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए भी अच्छी खबर है, क्योंकि घरों के निर्माण में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले सीमेंट पर लगने वाला टैक्स 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है, जिससे घरों की निर्माण लागत काफी कम होने की उम्मीद है।
लग्जरी और नुकसानदेह चीजें हुईं महंगी
एक तरफ जहां सरकार ने आम उपयोग और जरूरत की चीजों पर टैक्स घटाया है, वहीं दूसरी तरफ लग्जरी लाइफस्टाइल और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह मानी जाने वाली वस्तुओं (Sin Goods) पर टैक्स के बोझ को बढ़ाया है। सरकार ने इसके लिए एक विशेष 40 प्रतिशत का नया टैक्स स्लैब तैयार किया है। इसके तहत महंगी लग्जरी कारें, बड़ी एसयूवी (SUVs), 350cc से ऊपर की प्रीमियम मोटरसाइकिलें, सिगरेट, तंबाकू उत्पाद, पान मसाला और एरेटेड (सोडा व कोल्ड ड्रिंक्स) पेय पदार्थों को रखा गया है। इन सभी लग्जरी और स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाली चीजों के लिए अब ग्राहकों को पहले के मुकाबले ज्यादा जेब ढीली करनी होगी।
कैसे खुलेंगे तरक्की के रास्ते
इस ऐतिहासिक टैक्स सुधार के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य देश में डिजिटल अनुपालन (Compliance) को आसान बनाना और आम उपभोक्ताओं के हाथों में अधिक बचत देना है। विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स दरों में इस कटौती से त्योहारों के दौरान बाजार में मांग (Demand) और लिक्विडिटी में जबरदस्त उछाल आएगा। जब जरूरत की चीजें सस्ती होंगी, तो लोग अधिक खरीदारी करेंगे, जिससे देश की आर्थिक गतिविधियों को एक नई रफ्तार मिलेगी। इसके अलावा, टैक्स चोरी पर लगाम लगाने और छोटे व मध्यम उद्योगों (MSMEs) को बढ़ावा देने में भी यह नया टैक्स ढांचा मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।


