विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुटा हरिद्वार जिला प्रशासन, डीएम ने अधिकारियों को दिए निर्देश
बूथों का सत्यापन दो दिन में पूरा करने के निर्देश, लाइसेंसी शस्त्र जमा कराने और अवैध शराब पर निगरानी बढ़ाने को कहा
अर्जुन धारीवाल
हरिद्वार। वर्ष 2027 में प्रस्तावित विधानसभा निर्वाचन को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए हरिद्वार जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्वाचन की तैयारियों, आवश्यक व्यवस्थाओं और विभिन्न निर्वाचन संबंधी कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्वाचन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समयसीमा में पूरा करने तथा आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में लाइसेंसी शस्त्रों का सत्यापन कराने और नियमानुसार शस्त्र जमा कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शस्त्र जमा कराने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी की जाए। दुकानदारों और बैंकों में तैनात सुरक्षा गार्डों के पास मौजूद लाइसेंसी शस्त्रों के संबंध में भी नियमानुसार आवश्यक जानकारी एवं आवेदन पत्र प्राप्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
दो दिन में उपलब्ध करानी होगी बूथों की सूची
जिलाधिकारी ने जनपद के सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्थित मतदान केंद्रों एवं बूथों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित उपजिलाधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में बूथों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं तथा निर्वाचन के दृष्टिगत आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच कराने को कहा। साथ ही सत्यापन से संबंधित सूची दो दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि आगे की तैयारियां समय से पूरी की जा सकें।
निर्वाचन प्रक्रिया के सुचारु संचालन के लिए जिलाधिकारी ने सहायक रिटर्निंग अधिकारियों (एआरओ) की तैनाती तथा जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों से संबंधित सूची तैयार कर उपलब्ध कराने को भी कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारियां महत्वपूर्ण हैं, इसलिए संबंधित कार्मिकों की सूची समय से तैयार कर प्रशासनिक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं।
राजनीतिक दलों के साथ समन्वय बनाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन से संबंधित व्यवस्थाओं, दिशा-निर्देशों और आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी राजनीतिक दलों के साथ साझा की जाए। निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और आपसी संवाद को मजबूत करने के लिए नियमित समन्वय आवश्यक है।
अवैध शराब के खिलाफ होगी निगरानी और कार्रवाई
निर्वाचन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर प्रभावी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित जांच करने तथा अवैध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए सभी संबंधित विभाग सतर्कता और सक्रियता के साथ कार्य करें।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बूथों का सत्यापन, लाइसेंसी शस्त्र जमा कराने, एआरओ एवं जोनल-सेक्टर मजिस्ट्रेटों की सूची तैयार करने, राजनीतिक दलों के साथ बैठक करने और अवैध शराब के विरुद्ध कार्रवाई जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं, ताकि विधानसभा निर्वाचन को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराया जा सके।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ, सिटी मजिस्ट्रेट हरगिरी, उपजिलाधिकारी हरिद्वार योगेश मेहरा, उपजिलाधिकारी भगवानपुर देवेंद्र सिंह नेगी, एसएलओ आकाश जोशी, जिला आबकारी अधिकारी कैलाश बिनजोला, सहायक निर्वाचन अधिकारी अरुणेश पैन्यूली, खंड विकास अधिकारी लक्सर परवीन भट्ट, खंड विकास अधिकारी रुड़की सुमन कोटियाल, खंड विकास अधिकारी खानपुर आलोक गार्गेय, पवन सैनी, तहसीलदार लक्सर दीवान सिंह राणा, तहसीलदार रुड़की विकास अवस्थी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


