इंदौर में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: ‘द रैपिड इन्वेस्टर्स’ कंपनी पर छापा, 11 जालसाजों पर FIR; 6 म्यूल खातों से 1 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन
इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में पुलिस ने ‘ऑपरेशन मैट्रिक्स 2.0’ के तहत साइबर और वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े नेक्सस का पर्दाफाश किया है। विजयनगर थाना पुलिस ने फर्जी स्कीमों के नाम पर करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने वाली एक एडवाइजरी फर्म पर शिकंजा कसते हुए 11 आरोपियों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने ठगी की रकम को खपाने के लिए 6 ‘म्यूल बैंक खातों’ (Mule Bank Accounts) का इस्तेमाल किया, जिनमें करीब 1 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेन-देन मिला है।
मुखबिर की सूचना पर प्रिंसेस स्काई बिजनेस पार्क में छापा
एसीपी (ACP) पराग सैनी के मुताबिक, पुलिस को मुखबिर से म्यूल (किराए के) बैंक खातों के जरिए अवैध लेन-देन की पुख्ता सूचना मिली थी। पुलिस ने सबसे पहले संदिग्ध दिलीप पांडे को हिरासत में लेकर पूछताछ की। दिलीप से मिले इनपुट के आधार पर विजयनगर पुलिस ने सोमवार देर रात विजयनगर स्थित ‘प्रिंसेस स्काई बिजनेस पार्क’ की एक ऑफिस पर दबिश दी। यहाँ ‘द रैपिड इन्वेस्टर्स’ नाम की कंपनी संचालित हो रही थी, जिसका संचालक शुभम शर्मा मौके पर मौजूद मिला।
फर्जी स्कीमों के नाम पर कॉलिंग, फिर 12% कमीशन का खेल
पुलिस की पूछताछ और जांच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम कर रहा था:
- कॉलिंग के जरिए जाल: कंपनी के कर्मचारी आम लोगों और निवेशकों को फोन करते थे और उन्हें आकर्षक निवेश स्कीमों का लालच देकर मोटी रकम वसूलते थे।
- फर्जी खातों में ट्रांसफर: ठगी गई राशि कंपनी के आधिकारिक खातों में न मंगाकर, आरोपी दिलीप पांडे द्वारा उपलब्ध कराए गए फर्जी और म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी।
- कमीशन का खेल: आरोपी दिलीप पांडे इस ठगी की रकम को ठिकाने लगाने और खाते मुहैया कराने के एवज में करीब 12 प्रतिशत का फिक्स कमीशन लेता था।
- कर्मचारियों का हिस्सा: ग्राहकों से जितनी ज्यादा राशि ऐंठी जाती थी, उसी हिसाब से कंपनी के कर्मचारियों को भी उनका हिस्सा (इंसेंटिव) दिया जाता था।
भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त
पुलिस ने मौके से अवैध नेक्सस को संचालित करने वाले कई डिजिटल साक्ष्य और उपकरण बरामद किए हैं:
- मोबाइल फोन: 17 नग
- सिम कार्ड (विभिन्न कंपनियों के): 20 नग
- कंप्यूटर हार्डवेयर: 1 लैपटॉप, 3 सीपीयू और 1 हार्ड डिस्क
बैंक अधिकारियों और खाताधारकों पर भी कसेगा शिकंजा
विजयनगर थाना प्रभारी (TI) सीके पटेल ने बताया कि पुलिस इस मामले में बेहद गंभीरता से आगे बढ़ रही है। जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के डेटा और मोबाइल लोकेशन के आधार पर गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। पुलिस अब उन बैंकों के रिकॉर्ड खंगाल रही है जहाँ ये 6 म्यूल खाते खोले गए थे। इसके साथ ही उन वास्तविक खाताधारकों को भी समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है, जिन्होंने पैसों के लालच में आकर अपने बैंक खाते इन ठगों को सौंप दिए थे।


