धनतेरस पर राजवाड़ा पहुंचे महापौर पुष्यमित्र भार्गव, पत्नी के साथ की खरीदारी
रेडी-पटरी दुकानदारों के बीच पहुंचकर जाना हाल, मिट्टी के दीपक और सजावटी सामान खरीदकर दिया स्थानीय व्यापार को बढ़ावा
इंदौर। त्योहारों की रौनक बाजारों में नजर आने लगी है। धनतेरस और दीपावली की तैयारियों के बीच महापौर पुष्यमित्र भार्गव अपनी पत्नी एडवोकेट जूही भार्गव के साथ खरीदारी करने बाजार पहुंचे। हर साल की तरह इस बार भी उनकी खरीदारी का अंदाज कुछ खास रहा। उन्होंने बड़े शोरूम और दुकानों के बजाय रेडी-पटरी पर दुकान लगाने वाले छोटे व्यापारियों के बीच पहुंचकर उनसे आत्मीयता से बातचीत की और त्योहार से जुड़ी जरूरी वस्तुओं की खरीदारी की।
महापौर ने बाजार में मिट्टी के दीपक, दीये, सजावटी सामान और घर-आंगन को रोशन करने वाली विभिन्न पारंपरिक वस्तुएं खरीदीं। इस दौरान उन्होंने दुकानदारों से उनके कारोबार, ग्राहकी और त्योहार की तैयारियों के बारे में भी जानकारी ली। महापौर और उनकी पत्नी को अपने बीच पाकर छोटे दुकानदारों में भी उत्साह नजर आया।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव का मानना है कि रेडी-पटरी पर लगने वाली छोटी दुकानें ही त्योहारों की असली रौनक होती हैं। इन दुकानों से हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी है। त्योहारों के दौरान इन छोटे कारोबारियों को मिलने वाला प्रोत्साहन उनके परिवारों के लिए बड़ी मदद बनता है।
उन्होंने स्थानीय दुकानदारों से खरीदारी कर स्वदेशी वस्तुओं और छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहित करने का संदेश भी दिया। उनका यह अंदाज केवल त्योहार की खरीदारी तक सीमित नहीं, बल्कि स्थानीय बाजार, पारंपरिक कारीगरों और छोटे कारोबारियों के साथ जुड़ाव का संदेश भी देता है।


