Sunday, November 1, 2026

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Lawrence Bishnoi Gang: कनाडा से डिपोर्ट हुआ गैंगस्टर कर्मवीर सिंह दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार, पंजाब पुलिस को बड़ी कामयाबी

बिश्नोई सिंडिकेट को लगा बड़ा झटका: कनाडा से डिपोर्ट हुआ लॉरेंस का राइट हैंड ‘कर्मवीर देओ’, दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार

नई दिल्ली/मोहाली: भारत और विदेशों में फैले लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक मिली है। इस खूंखार सिंडिकेट के विदेशी नेटवर्क को संभालने वाले और लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई के बेहद करीबी सहयोगी कर्मवीर सिंह उर्फ कर्मवीर देओ को कनाडा से डिपोर्ट (Deport) कर भारत वापस भेज दिया गया है। आज दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर उतरते ही पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने उसे धर दबोचा।

सुरक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि कर्मवीर की गिरफ्तारी से बिश्नोई गैंग का ग्लोबल लॉजिस्टिक्स और फंडिंग नेटवर्क पूरी तरह से चरमरा जाएगा।

सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर कैसे आया कर्मवीर?

पंजाब पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के मुताबिक, कर्मवीर सिंह के खिलाफ हाल ही में 3 सितंबर को एक लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था। भारतीय खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट्स के आधार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते कनाडाई अधिकारियों ने उसे डिपोर्ट करने का फैसला किया। जैसे ही उसकी फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड हुई, पंजाब पुलिस की स्पेशल टीम पहले से ही उसकी कस्टडी लेने के लिए तैयार खड़ी थी।

गैंग का ‘ग्लोबल मैनेजर’ और अनमोल बिश्नोई का मददगार

मूल रूप से पंजाब के लुधियाना का रहने वाला कर्मवीर सिंह सिर्फ एक शूटर नहीं, बल्कि इस सिंडिकेट का ‘ग्लोबल ऑपरेशंस मैनेजर’ था। जांच में उसके बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:

  • अनमोल बिश्नोई का रेस्क्यू: कर्मवीर पर मुख्य आरोप है कि उसने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई को भारत से सुरक्षित भगाने और विदेश में ठिकाना दिलाने में सबसे अहम भूमिका निभाई थी।
  • अमेरिका में सेफ हाउस: जब अनमोल बिश्नोई अमेरिका पहुंचा, तो कर्मवीर ने ही उसके रहने, गाड़ियों और पैसों का इंतजाम किया था। अमेरिकी फेडरल ब्यूरो (FBI) की सख्ती के बाद कर्मवीर अमेरिका से भागकर कनाडा आ गया था।
  • लीगल और लॉजिस्टिकल सपोर्ट: भारत से अवैध रास्तों (डंकी रूट) के जरिए अमेरिका और कनाडा पहुंचने वाले बिश्नोई गैंग के गुर्गों को शरण देना और कानूनी मदद (Legal Assistance) मुहैया कराना कर्मवीर का ही काम था।

आपराधिक इतिहास और आगे की कार्रवाई

कर्मवीर सिंह का पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड बेहद संगीन है। पंजाब और अन्य राज्यों में उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी (Extortion), आर्म्स एक्ट और फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाने जैसे 5 से ज्यादा बड़े आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।

पंजाब पुलिस की AGTF अब कर्मवीर को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी। पुलिस की पूछताछ का मुख्य फोकस बिश्नोई सिंडिकेट के विदेशी बैंक खातों, हवाला नेटवर्क और भारत में मौजूद स्लीपर सेल्स का पर्दाफाश करना है

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