मोबाइल और सिम कार्ड धारकों के लिए सरकार का नया फरमान: 1 नवंबर से बदले नियम, जेब और सुरक्षा पर सीधा असर
नई दिल्ली:
देश में साइबर फ्रॉड को रोकने, डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने और आम यूज़र्स को राहत देने के लिए भारत सरकार, दूरसंचार विभाग (DoT) और ट्राई (TRAI) ने मोबाइल और सिम कार्ड से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव लागू कर दिए हैं। इन नियमों का सीधा असर हर मोबाइल इस्तेमाल करने वाले नागरिक पर पड़ेगा। आइए जानते हैं कि इस नए बदलाव के तहत आपकी जेब और आपकी सुरक्षा में क्या-क्या बदलने जा रहा है:
1. अनजान नंबर से आने वाले कॉल पर दिखेगा असली नाम (CNAP सेवा)
अब आपको किसी अनजान नंबर से आने वाले फोन को पहचानने के लिए Truecaller जैसी किसी बाहरी ऐप पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। दूरसंचार विभाग के आदेशानुसार अब टेलीकॉम कंपनियाँ Calling Name Presentation (CNAP) सेवा शुरू कर रही हैं। इसके तहत जब भी कोई आपको कॉल करेगा, तो स्क्रीन पर उसका वही असली नाम दिखाई देगा जो उसके सिम कार्ड के सरकारी पहचान पत्र (KYC) में दर्ज है। इससे फर्जी नाम से कॉल करने वाले स्पैमर्स और स्कैमर्स पर लगाम लगेगी।
2. एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 सिम, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
दूरसंचार विभाग (DoT) ने सिम कार्ड की सीमा को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। नए नियम के तहत भारत में कोई भी नागरिक अपने नाम पर अधिकतम 9 सिम कार्ड ही रख सकता है। (जम्मू-कश्मीर, असम और उत्तर-पूर्व के राज्यों के लिए यह सीमा 6 सिम कार्ड की है)। सरकार ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे 30 नवंबर तक रियल-टाइम डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम को पूरी तरह मजबूत करें, जिससे तय सीमा से अधिक सिम रखने वालों के एक्स्ट्रा नंबर तुरंत ब्लॉक किए जा सकें।
3. बंद (Inactive) मोबाइल नंबरों के UPI तुरंत होंगे ब्लॉक
यदि आपके पास कोई ऐसा पुराना मोबाइल नंबर है जो आपके बैंक खाते या UPI (जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm) से लिंक है, लेकिन वह सिम लंबे समय से बंद या इनएक्टिव पड़ी है, तो सुरक्षा के लिहाज़ से उस नंबर से जुड़े UPI ट्रांजेक्शन को हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह है कि यदि वह बंद नंबर किसी और को अलॉट हो जाए, तो आपके बैंक खाते के साथ कोई धोखाधड़ी न हो सके।
4. रिचार्ज के लिए ग्राहकों को राहत: 30 दिन की वैलिडिटी और सिर्फ ‘कॉलिंग-SMS’ पैक अनिवार्य
TRAI के नए टेलीकॉम टैरिफ (13वें संशोधन) नियमों के अनुसार, अब सभी टेलीकॉम कंपनियों (Jio, Airtel, Vi, BSNL) के लिए कुछ विशेष प्लान लाना अनिवार्य कर दिया गया है:
- कंपनियों को ग्राहकों के लिए पूरे 30 दिनों की वैलिडिटी वाले प्लान देने होंगे (अब तक कंपनियाँ अक्सर 28 दिन का ही प्लान देती थीं)।
- कम आय वाले या सिर्फ कॉलिंग इस्तेमाल करने वाले बुजुर्गों/नागरिकों के लिए बिना इंटरनेट डेटा वाले “Voice-and-SMS-only” पैक्स (सस्ते रिचार्ज) उपलब्ध कराने होंगे, ताकि उन्हें ज़बरदस्ती डेटा का पैसा न देना पड़े।
5. भविष्य के लिए तैयारी: सिम बाइंडिंग नियम
साइबर सुरक्षा को और कड़ा करने के लिए सरकार आने वाले महीनों में WhatsApp और Telegram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए भी नए नियम ला रही है। इसके तहत, आपका WhatsApp अकाउंट उसी फोन में चलेगा जिसमें वह फिजिकल सिम कार्ड या e-SIM मौजूद होगी। यदि आप सिम निकालकर दूसरे फोन में ऐप चलाने की कोशिश करेंगे, तो वह काम नहीं करेगा।
यूज़र्स के लिए ज़रूरी सलाह:
यदि आपके नाम पर 9 से ज़्यादा सिम कार्ड हैं, तो तुरंत गैर-ज़रूरी नंबरों को बंद करवा दें। साथ ही, यदि आपका बैंक में कोई पुराना नंबर दर्ज है जो अब आपके पास नहीं है, तो उसे तुरंत बैंक शाखा जाकर बदलवा लें ताकि आपका UPI प्रभावित न हो।


