Saturday, September 19, 2026

TOP NEWS

MP Urban Bodies Recruitment:...

मध्य प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में 357 इंजीनियरों की सीधी भर्ती। ESB के बजाय केंद्र की एजेंसी EdCIL कराएगी ऑनलाइन परीक्षा। जानिए पूरी प्रोसेस।

NTV TIME CRIMEX : ...

CRIMEX: 1925 का वो खौफनाक बावला मर्डर केस जिसने ब्रिटिश हुकूमत को हिला दिया और इंदौर के महाराजा तुकोजीराव होल्कर को अपनी गद्दी छोड़नी पड़ी। पढ़ें पूरी फाइल।

राहुल गांधी को शादी...

इंदौर के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में राहुल गांधी को प्रपोज करने दिल्ली से पहुंची युवती। करीना कपूर के पुराने बयान का हवाला देकर जताई शादी की इच्छा, सोशल मीडिया पर खबर वायरल।

ऐतिहासिक डील: अमेरिकी कंपनी...

अमेरिकी दिग्गज एप्लाइड मैटेरियल्स भारत में ₹42,000 करोड़ ($5 बिलियन) का निवेश करेगी। बेंगलुरु में 140 एकड़ का सेमीकंडक्टर रिसर्च पार्क बनेगा और हजारों नौकरियां मिलेंगी। पूरी खबर पढ़ें।
Homeविदेश100% टैरिफ कानून पर ट्रम्प के हस्ताक्षर: रूसी तेल के खरीदारों पर...

100% टैरिफ कानून पर ट्रम्प के हस्ताक्षर: रूसी तेल के खरीदारों पर कसा शिकंजा, भारत-अमेरिका व्यापार पर मंडराया संकट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस और ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाले एक बड़े विधेयक पर हस्ताक्षर कर इसे कानून का रूप दे दिया है। इस नए कानून के तहत अब अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस से कच्चा तेल और गैस खरीदने वाले शीर्ष देशों पर 100% तक दंडात्मक टैरिफ (सीमा शुल्क) लगाने का कानूनी अधिकार मिल गया है। अमेरिकी संसद के दोनों सदनों—सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स—से पारित होने के बाद ट्रम्प की इस मंजूरी ने भारत और चीन जैसे बड़े तेल आयातक देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

क्या है नया कानून और अमेरिका का मकसद?

इस कानून को आधिकारिक तौर पर ‘लिंसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ नाम दिया गया है। अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने विधेयक को 262 के मुकाबले 159 वोटों से मंजूरी दी थी, जिसके बाद इसे राष्ट्रपति के पास भेजा गया था।

अमेरिका की रणनीति साफ है—वह रूस की ऊर्जा से होने वाली कमाई पर पूरी तरह रोक लगाना चाहता है, जिसका इस्तेमाल रूस यूक्रेन युद्ध की फंडिंग के लिए करता है। यह कानून लागू होने के बाद, कानून बनने के 30 दिनों के भीतर ट्रम्प प्रशासन रूस से सबसे ज्यादा कच्चा तेल या गैस खरीदने वाले शीर्ष 5 देशों से आने वाले सामानों पर 100% तक अतिरिक्त शुल्क लगा सकता है।

भारत के लिए क्यों बढ़ीं मुश्किलें?

रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से ही भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए रूस से भारी मात्रा में रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीद रहा है, जो फिलहाल भारत के कुल कच्चे तेल आयात का एक बड़ा हिस्सा है। इस कानून के तहत ट्रम्प प्रशासन को जो शक्तियां मिली हैं, उनसे भारत को निम्नलिखित चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है:

  • भारतीय निर्यात को भारी नुकसान: यदि अमेरिका ने भारत पर 100% टैरिफ लागू किया, तो अमेरिका जाने वाले भारतीय उत्पाद जैसे टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और मशीनरी वहां बेहद महंगे हो जाएंगे। इससे भारतीय निर्यातकों को तगड़ा झटका लगेगा।
  • व्यापार घाटा और रुपये पर दबाव: अमेरिका भारत का एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार और सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है। निर्यात घटने से भारतीय रुपये की सेहत और देश के व्यापार संतुलन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
  • ऊर्जा सुरक्षा का संकट: यदि भारत अमेरिकी दबाव में रूस से तेल खरीदना कम करता है, तो उसे खाड़ी देशों या अन्य विकल्पों की ओर रुख करना होगा, जिससे भारत का तेल आयात बिल और देश में ईंधन की कीमतें बढ़ सकती हैं।

भारत सरकार का रुख: ‘ऊर्जा सुरक्षा सर्वोपरि’

इस कानून के पारित होने पर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि वह अपने 1.4 अरब नागरिकों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

भारतीय अधिकारियों ने अमेरिकी प्रशासन के सामने यह बात स्पष्ट रूप से रखी है कि इस तरह के एकतरफा प्रतिबंधों का असर न केवल भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों पर पड़ेगा, बल्कि इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी भारी अस्थिरता पैदा हो सकती है। सरकार ने यह भी कहा है कि वह देश के आर्थिक और व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।

राहत की बात: सीधे लागू नहीं होगा टैरिफ

राजनयिक विशेषज्ञों और विश्लेषकों के अनुसार, इस कानून के बनने का मतलब यह नहीं है कि भारत पर तत्काल 100% टैरिफ लागू हो गया है। यह कानून राष्ट्रपति ट्रम्प को केवल टैरिफ लगाने का कानूनी अधिकार (Discretionary Power) देता है। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों (Midterm Elections) को देखते हुए ट्रम्प खुद अमेरिका में महंगाई या ऊर्जा संकट बढ़ने के डर से इसका इस्तेमाल करने में सावधानी बरत सकते हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments