Wednesday, October 7, 2026

TOP NEWS

मंगलौर में कुमारी शैलजा...

मंगलौर में कुमारी शैलजा का जोरदार स्वागत, नारसन बॉर्डर पर उमड़ा जनसैलाबअर्जुन धारीवालमंगलौर/हरिद्वार।...

इंदौर में झकझोर देने...

इंदौर में गरीबी की दर्दनाक तस्वीर: पैसे न होने पर MY अस्पताल में पति के शव के पास रोती रही बेबस पत्नी, आखिरकार 2 साल की मासूम बेटी ने पिता की चिता को दी मुखाग्नि। पूरी खबर पढ़ें।

Vivo Mega Launch: भारत...

Vivo India ने भारत में लॉन्च किए 3 नए धांसू स्मार्टफोन्स Vivo X Fold 6, V80 और S2 FE। लेटेस्ट Android 17, ज़ीस कैमरा और 10,000mAh बैटरी वाले फोन्स की कीमतें यहाँ देखें।

दिल्ली के सीमापुरी में...

दिल्ली के न्यू सीमापुरी में 25 वर्ग गज पर बनी 5 मंजिला इमारत ढहने से बड़ा हादसा। 1 बच्चे की मौत, कई घायल। NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी। पढ़ें पूरी लाइव अपडेट।
HomeUncategorizedनेशनल हाईवे से महज दो किमी दूर, फिर भी सड़क को तरस...

नेशनल हाईवे से महज दो किमी दूर, फिर भी सड़क को तरस रहा चर्रा टोला

आंगनवाड़ी और प्राथमिक स्कूल तक पहुंचने के लिए कीचड़ से गुजरने को मजबूर बच्चे और ग्रामीण, कई शिकायतों के बाद भी नहीं बनी सड़क

शहपुरा – जिला जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपरिया कला के पोषक ग्राम चर्रा टोला में सड़क की समस्या ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। गांव नेशनल हाईवे से महज करीब दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, इसके बावजूद आज तक यहां आवागमन के लिए पक्की सड़क नहीं बन सकी है। सबसे गंभीर स्थिति यह है कि इसी मार्ग से आंगनवाड़ी केंद्र और प्राथमिक स्कूल तक बच्चों तथा ग्रामीणों को पहुंचना पड़ता है। बारिश के दिनों में कच्चा रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है। ऐसे में स्कूली बच्चों के साथ ग्रामीणों को भी इसी कीचड़ भरे रास्ते से आवागमन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत स्तर पर भी सड़क निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दी है। शिकायतों के बावजूद सड़क स्वीकृति और निर्माण की दिशा में कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
ग्रामीणों और बच्चों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए चर्रा टोला की सड़क को तत्काल स्वीकृत कर निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के दिनों में आवागमन की समस्या खत्म हो और बच्चों को स्कूल तथा आंगनवाड़ी तक पहुंचने में परेशानी न हो।

रिपोर्ट लीलाराम साहू डिंडोरी

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments