इंदौर से 2,800 किलोमीटर दूर असम में मध्यप्रदेश एनजीओ महासंघ का सेवाकार्य लगातार जारी
जौहर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर सर्वे, ₹2,500 की आर्थिक सहायता एवं राहत सामग्री का वितरण
असम | 11 अगस्त 2026
इंदौर से लगभग 2,800 किलोमीटर दूर असम में बाढ़ से प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने का सेवाकार्य मध्यप्रदेश एनजीओ महासंघ द्वारा लगातार जारी है। महासंघ की टीम जौहर एवं आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ग्राउंड पर पहुंचकर घर-घर सर्वे कर रही है तथा वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक सीधे सहायता पहुंचा रही है।
मध्यप्रदेश एनजीओ महासंघ के फाउंडर एवं अध्यक्ष श्री शशि सातपुते विगत 5 दिनों से लगातार असम में रहकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। वे स्वयं ग्राउंड पर जाकर परिवारों की स्थिति और जरूरतों का जायजा ले रहे हैं तथा जरूरत के अनुसार उन्हें सहायता उपलब्ध करा रहे हैं।
महासंघ द्वारा चिन्हित जरूरतमंद परिवारों को ₹2,500 तक की आर्थिक सहायता, राशन एवं दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। टीम का प्रयास है कि सहायता वास्तविक रूप से प्रभावित परिवारों तक सीधे पहुंचे।
सेवाकार्य में सहयोग
इस सेवाकार्य में मध्यप्रदेश एनजीओ महासंघ के संरक्षक श्री योगेंद्र महंत जी, श्री संतोष मीणा जी, राधे-राधे जनसेवा फाउंडेशन, श्री राहुल जैन जी, श्री रूपेंद्र जैन जी, दादा राजेश बेडकर जी, रुचि जी, रवींद्र जी, श्रेयांश जैन जी, श्री नरेश लश्करी (पिंटू भैया), जी सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, समाजसेवियों एवं सहयोगकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान प्राप्त हो रहा है।

2,800 किलोमीटर दूर भी सेवा का संकल्प
मध्यप्रदेश एनजीओ महासंघ का कहना है कि सेवा की कोई सीमा नहीं होती। इंदौर से लगभग 2,800 किलोमीटर दूर असम में भी मध्यप्रदेश के सेवाभावी लोग बाढ़ पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं।
हजारों किलोमीटर की दूरी के बावजूद महासंघ की टीम लगातार ग्राउंड पर रहकर जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचने और उन्हें तत्काल राहत उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है।
महासंघ के अनुसार 2 लाख से अधिक परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। ऐसे कठिन समय में प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक सहयोग पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
सभी सामाजिक संस्थाओं एवं उद्योगपतियों से सहयोग की अपील
मध्यप्रदेश एनजीओ महासंघ ने देशभर की सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों, उद्योगपतियों, व्यापारिक संस्थानों एवं समाजसेवियों से अपील की है कि वे असम के कम से कम एक बाढ़ पीड़ित परिवार की जिम्मेदारी लेकर उसकी आवश्यकता के अनुसार सहायता करें।
श्री शशि सातपुते ने कहा,
“हमारा उद्देश्य केवल राहत सामग्री बांटना नहीं, बल्कि बाढ़ प्रभावित परिवारों तक स्वयं पहुंचकर उनकी वास्तविक जरूरत को समझना और उसी के अनुसार सहयोग करना है। इंदौर से 2,800 किलोमीटर दूर आकर भी हमारी टीम मानवता की सेवा के संकल्प के साथ लगातार कार्य कर रही है। जब तक संभव होगा, हम प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहेंगे।”
— मध्यप्रदेश एनजीओ महासंघ
मानवता की सेवा | जरूरतमंद परिवारों के साथ


