भोपाल: पितृपक्ष की शुरुआत में ही बड़े तालाब के घाटों पर बदहाली, नगर निगम की तैयारियों पर उठे सवाल
भोपाल | डिजिटल डेस्क:
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ऐतिहासिक बड़े तालाब (Upper Lake) स्थित प्रमुख धार्मिक स्थल ‘शीतलदास की बगिया‘ घाट से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। पितृपक्ष (श्राद्ध) की शुरुआत होते ही जब श्रद्धालु अपने पूर्वजों के तर्पण और पिंडदान के लिए घाट पर पहुंच रहे हैं, तो उन्हें वहां भारी गंदगी और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है।
धार्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण इस समय में घाट की इस बदहाली को लेकर अब भोपाल नगर निगम (BMC) प्रशासन की कार्यप्रणाली और तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
घाट पर पसरा कचरा, धार्मिक आस्था को पहुंच रही ठेस
हिंदू धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व है, जहाँ 16 दिनों तक लोग घाटों पर जाकर अपने पितरों के मोक्ष के लिए विशेष तर्पण व अनुष्ठान करते हैं। ऐसे बड़े और महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर पर भी शीतलदास की बगिया घाट पर चारों तरफ कचरा और गंदगी फैली हुई दिखाई दी। पवित्र अनुष्ठान के लिए आने वाले लोगों को इस अव्यवस्था के कारण भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों में प्रशासन के प्रति निराशा है।
पहले से तय कार्यक्रम के बावजूद लापरवाही क्यों?
हर साल पितृपक्ष की तारीखें पहले से निर्धारित होती हैं। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन द्वारा समय रहते घाटों पर विशेष सफाई अभियान न चलाना बड़ी लापरवाही को दर्शाता है। एक तरफ जहां भोपाल को स्वच्छता में अव्वल बनाए रखने के दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ शहर के सबसे मुख्य घाट पर पितृपक्ष के शुरुआती दिनों में ही ऐसी उपेक्षा देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया पर घाट की तस्वीरें सामने आने के बाद अब मांग की जा रही है कि जिम्मेदार अधिकारी तुरंत मामले का संज्ञान लें और बड़े तालाब के सभी घाटों पर नियमित सफाई कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करें।


