DUSU Election Results: बेहद रोमांचक मुकाबले में ABVP के यश डबास बने दिल्ली यूनिवर्सिटी के नए अध्यक्ष, कांग्रेस समर्थित NSUI का सूपड़ा साफ, उपाध्यक्ष पद पर बागी निर्दलीय की ऐतिहासिक जीत
नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (DUSU Election Results) के नतीजों ने इस बार इतिहास रच दिया है। कड़े और बेहद रोमांचक मुकाबले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) समर्थित छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने केंद्रीय पैनल के चार में से तीन प्रमुख पदों— अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पर शानदार जीत दर्ज की है। वहीं, सबसे बड़ा उलटफेर उपाध्यक्ष (वाइस-प्रेसिडेंट) पद पर हुआ, जहां निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने भारी मतों से जीत हासिल कर सबको चौंका दिया। छात्रसंघ के इतिहास में करीब 17 साल बाद ऐसा हुआ है जब मुख्य दलों को पछाड़कर किसी निर्दलीय उम्मीदवार ने इतने बड़े पद पर कब्जा जमाया है। कांग्रेस समर्थित छात्र संगठन NSUI इस चुनाव में अपना खाता खोलने में भी नाकाम रहा।
अध्यक्ष पद पर यश डबास और सचिव पद पर रिया छावड़ी जीतीं
20 राउंड की लंबी और उतार-चढ़ाव भरी मतगणना के बाद चुनाव अधिकारियों ने अंतिम परिणाम घोषित किए।
- अध्यक्ष (President): ABVP के यश डबास ने 24,576 वोट हासिल कर जीत का परचम लहराया। उन्होंने बेहद कड़े मुकाबले में NSUI के उम्मीदवार विजय शंकर मीणा (22,523 वोट) को 2,053 वोटों के अंतर से शिकस्त दी।
- सचिव (Secretary): ABVP की रिया छावड़ी ने 21,650 वोट पाकर जीत दर्ज की, उन्होंने NSUI की नम्रता चौधरी को चुनावी रेस में पीछे छोड़ा।
- संयुक्त सचिव (Joint Secretary): इस पद पर भी ABVP के लक्ष्यराज सिंह ने 16,615 वोट हासिल कर जीत अपने नाम की।
उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय ने क्यों रचा इतिहास?
इस पूरे चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा वाइस-प्रेसिडेंट पद के नतीजों की रही। NSUI के पूर्व सदस्य और बागी होकर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे दीपांशु शौकीन ने रिकॉर्ड 30,615 वोट हासिल कर एकतरफा जीत दर्ज की। उन्होंने ABVP के ईशु मौर्य (16,910 वोट) और NSUI के वीर चतरथ (4,313 वोट) को बहुत बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी। दिल्ली यूनिवर्सिटी की राजनीति में यह एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि अमूमन यहाँ मुकाबला केवल ABVP और NSUI के बीच ही सीमित रहता है, लेकिन दीपांशु ने नया रिकॉर्ड बना दिया।
हाई कोर्ट के आदेश पर विजय जुलूस पर प्रतिबंध
चुनाव परिणाम औपचारिक रूप से घोषित होने से ठीक पहले दिल्ली हाई कोर्ट के कड़े निर्देशों के तहत विश्वविद्यालय प्रशासन और दिल्ली पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम लागू किए। दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा और हुड़दंग को देखते हुए परिसर या उसके बाहर किसी भी तरह के विजय जुलूस (Victory Procession) और जश्न रैली निकालने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए नॉर्थ कैंपस में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।


