मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने अशासकीय (निजी) महाविद्यालयों में चल रहे बड़े फर्जीवाड़े को रोकने और शिक्षकों के शोषण को समाप्त करने के लिए नियमों को बेहद कड़ा कर दिया है। विभाग ने स्पष्ट आदेश जारी किया है कि अब प्राइवेट कॉलेजों में स्टाफ को कैश (नकद) सैलरी देने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
यदि कोई कॉलेज इस नियम का उल्लंघन करता है या पोर्टल पर शिक्षकों की फर्जी जानकारी देता है, तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और कॉलेज की मान्यता भी रद्द कर दी जाएगी।
इस नई व्यवस्था के तहत लागू किए गए मुख्य नियम और कड़े प्रावधान इस प्रकार हैं:
1. बैंक खाते में वेतन देना अनिवार्य (ऑनलाइन भुगतान)
अब निजी कॉलेजों को अपने सभी शैक्षणिक (टीचिंग) और गैर-शैक्षणिक (नॉन-टीचिंग) कर्मचारियों को केवल बैंक खातों के माध्यम से ही वेतन का भुगतान करना होगा। कॉलेजों को मान्यता के नवीनीकरण (Renewal) या नए पाठ्यक्रमों की अनुमति (NOC) के लिए आवेदन करते समय बैंक भुगतान (Salary Bank Statement) के पुख्ता सबूत पेश करने होंगे।
2. सरकारी पोर्टल पर देनी होगी शिक्षकों की पूरी जानकारी
कागजों पर ‘फर्जी शिक्षक’ (Ghost Faculty) दिखाकर कॉलेज चलाने वाले संस्थानों पर लगाम कसने के लिए यह कदम उठाया गया है। उच्च शिक्षा विभाग के पोर्टल पर आवेदन करते समय कॉलेजों को अपने स्टाफ की निम्नलिखित जानकारियां अनिवार्य रूप से दर्ज करनी होंगी:
- शिक्षक का नाम और लाइव फोटो
- आधार कार्ड नंबर
- शैक्षणिक योग्यता (डिग्रियां)
- संबंधित विश्वविद्यालय का अनुमोदन पत्र (Approval Letter)
3. आवेदन के साथ देने होंगे ये पक्के वित्तीय दस्तावेज
अब केवल कागजी दावों से काम नहीं चलेगा। कॉलेजों को अपने आवेदन के साथ ये दस्तावेज संलग्न करने होंगे:
- कॉलेज का बैंक स्टेटमेंट
- कैश बुक (Cash Book)
- कर्मचारियों के बैंक खातों में सैलरी ट्रांसफर होने की रसीद या पासबुक की कॉपी
4. उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई
यदि कोई कॉलेज जांच में दोषी पाया जाता है, कर्मचारियों को नकद भुगतान करता है, या पोर्टल पर फर्जी स्टाफ की जानकारी अपलोड करता है, तो विभाग बिना किसी ढिलाई के 5 लाख रुपये का आर्थिक दंड ठोकेगा और उस कॉलेज की मान्यता तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दी जाएगी।
इस कदम से जहां एक ओर निजी कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों को उनका सही वेतन और अधिकार मिल सकेगा, वहीं दूसरी ओर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता में भी बड़ा सुधार आएगा।


