Wednesday, October 14, 2026

TOP NEWS

छात्राओं से कथित अनुचित...

छात्राओं से कथित अनुचित व्यवहार के आरोपों पर भाजपा महिला मोर्चा का प्रदर्शन,...

मालवा की वैष्णोदेवी मंदिर...

मालवा की वैष्णोदेवी मंदिर दिगठान पहुंची भव्य चुनरी कलश यात्राराहुल सेन मांडवमोप्रतिवर्ष...

भारत का पहला Flex-Fuel...

"भारत का पहला E85 फ्लेक्स-फ्यूल एडवेंचर मैक्सी-स्कूटर Honda ADV 160 लॉन्च हो गया है। ₹1.70 लाख की कीमत वाले इस स्कूटर के फीचर्स, इंजन और स्पेसिफिकेशन्स की पूरी खबर यहाँ पढ़ें।"

पिरान कलियर में कांग्रेस...

पिरान कलियर में कांग्रेस की मासिक बैठक संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत...
Homeमध्य प्रदेशMP के 5 बड़े शहरों में खत्म होंगे बिजली के खंभे और...

MP के 5 बड़े शहरों में खत्म होंगे बिजली के खंभे और लटकते तार, सरकार ला रही है मेगा अंडरग्राउंड प्लान

भोपाल/इंदौर:
मध्य प्रदेश के प्रमुख महानगरों को स्मार्ट और आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। प्रदेश के 5 बड़े शहरों—भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन—की सड़कों और चौराहों से जल्द ही बिजली के खंभों और लटकते हुए तारों का मकड़जाल हमेशा के लिए खत्म होने जा रहा है।

केंद्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के कड़े निर्देशों के बाद, मध्य प्रदेश ऊर्जा विभाग ने इन शहरों के पूरे बिजली वितरण सिस्टम को भूमिगत (Underground Cable Network) करने की एक मेगा योजना पर काम शुरू कर दिया है।

⏱️ 90 दिनों के भीतर तैयार होगी DPR

इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को रफ्तार देने के लिए समय-सीमा (Deadline) तय कर दी गई है। ऊर्जा विभाग के अनुसार, अगले 90 दिनों के भीतर इस पूरे प्रोजेक्ट की विस्तृत कार्ययोजना (Detailed Project Report – DPR) तैयार कर ली जाएगी। इस योजना के तहत इन पांचों शहरों में मौजूद 11 KV (किलोवोल्ट) और 400 वोल्ट क्षमता की सभी एलटी (लो टेंशन) ओवरहेड लाइनों को पूरी तरह से जमीन के नीचे केबल नेटवर्क में शिफ्ट किया जाएगा।

रिंगमेन यूनिट (RMU) तकनीक से मिलेगी निर्बाध बिजली

इस नए अंडरग्राउंड नेटवर्क को बेहद आधुनिक और फुल-प्रूफ बनाया जा रहा है। इसके लिए रिंगमेन यूनिट (RMU) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

  • वैकल्पिक मार्ग: इस तकनीक के तहत बिजली आपूर्ति के लिए एक से अधिक वैकल्पिक मार्ग (Alternative Routes) उपलब्ध रहेंगे।
  • तुरंत बहाली: यदि किसी एक लाइन में कोई तकनीकी खराबी (फॉल्ट) आती भी है, तो सिस्टम स्वचालित रूप से बिजली को दूसरे रूट पर डायवर्ट कर देगा।
  • मिनटों में समाधान: इसके कारण उपभोक्ताओं को लंबे पावर कट का सामना नहीं करना पड़ेगा और महज कुछ ही मिनटों में बिजली बहाल हो जाएगी।

GIS मैपिंग और डिजिटल रिकॉर्ड से लैस होगा सिस्टम

प्रोजेक्ट को पूरी तरह पारदर्शी और हाई-टेक बनाने के लिए विभाग सभी अंडरग्राउंड उपकरणों और संपत्तियों की GIS मैपिंग और एसेट टैगिंग करेगा। इस डिजिटल रिकॉर्ड की मदद से भविष्य में जमीन के नीचे किसी भी फॉल्ट की सटीक लोकेशन को कंप्यूटर स्क्रीन पर ही ट्रैक किया जा सकेगा। इससे मेंटेनेंस और नए कनेक्शन देने का काम बेहद आसान हो जाएगा।

इस मेगा प्रोजेक्ट से जनता को क्या होंगे फायदे?

  • हादसों से मुक्ति: खुले तारों के टूटने, शॉर्ट सर्किट होने और बारिश के दिनों में करंट लगने वाले हादसों पर 100% रोक लगेगी।
  • मौसम का नहीं होगा असर: आंधी, तूफान, तेज बारिश या पेड़ गिरने जैसी स्थिति में भी बिजली गुल नहीं होगी।
  • सुंदर दिखेंगे शहर: सड़कों, बाजारों और ऐतिहासिक धरोहरों के सामने से तारों का जाल हटने से शहरों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाएगी।

ऊर्जा विभाग का संकल्प:
ऊर्जा विभाग के सचिव ने स्पष्ट किया है कि इस बड़े बदलाव का मूल आधार कम फॉल्ट, तेज बहाली, बेहतर सुरक्षा और आसान रखरखाव तय किया गया है। यह कदम आने वाले समय में मध्य प्रदेश के शहरी विकास और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments